बंगाल जीत के बाद भावुक हुए कैलाश विजयवर्गीय, बोले- मुझ पर बलात्कार, बच्चों की तस्करी जैसे गंभीर लगाए गए
Kailash Vijayvargiya Interview: बंगाल में विधानसभा चुनाव में रूझान के बाद बीजेपी नेता ने ममता सरकार पर लगाए गंभीर आरोप। बताया 38 झूठे केस और बंगाल का वो 'खौफनाक' मंजर।
- Written By: अमन मौर्या
Kailash Vijayvargiya Interview On Bengal Election Result: भाजपा नेता और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बंगाल चुनाव परिणामों और वहां के पिछले अनुभवों पर बात करते हुए बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने बताया कि बंगाल में काम करना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था। विजयवर्गीय ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस सरकार ने उन्हें और भाजपा कार्यकर्ताओं को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन पर बलात्कार और बच्चों की तस्करी जैसे गंभीर और झूठे मुकदमे दर्ज किए गए। उन्होंने न्यायपालिका का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि निष्पक्ष अदालतों की वजह से ही उन्हें न्याय मिला। विजयवर्गीय ने बंगाल के माहौल को लोकतांत्रिक नहीं बल्कि गुंडाराज करार दिया, जहां डीएमसी अधिकारियों और गुंडों का नेक्सस काम कर रहा था। उन्होंने यह भी साझा किया कि कैसे केंद्रीय जांच एजेंसियों और सेना तक को वहां काम करने में बाधाएं पहुंचाई गईं। उनके अनुसार, यह जीत केवल राजनीतिक नहीं बल्कि उन तमाम अत्याचारों के खिलाफ न्याय की जीत है।
Kailash Vijayvargiya Interview On Bengal Election Result: भाजपा नेता और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय बंगाल चुनाव परिणामों और वहां के पिछले अनुभवों पर बात करते हुए बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने बताया कि बंगाल में काम करना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था। विजयवर्गीय ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस सरकार ने उन्हें और भाजपा कार्यकर्ताओं को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन पर बलात्कार और बच्चों की तस्करी जैसे गंभीर और झूठे मुकदमे दर्ज किए गए। उन्होंने न्यायपालिका का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि निष्पक्ष अदालतों की वजह से ही उन्हें न्याय मिला। विजयवर्गीय ने बंगाल के माहौल को लोकतांत्रिक नहीं बल्कि गुंडाराज करार दिया, जहां डीएमसी अधिकारियों और गुंडों का नेक्सस काम कर रहा था। उन्होंने यह भी साझा किया कि कैसे केंद्रीय जांच एजेंसियों और सेना तक को वहां काम करने में बाधाएं पहुंचाई गईं। उनके अनुसार, यह जीत केवल राजनीतिक नहीं बल्कि उन तमाम अत्याचारों के खिलाफ न्याय की जीत है।
