Jitu Patwari Rewa Visit: मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपने रीवा दौरे के दौरान केंद्रीय बजट और यूजीसी (UGC) के नए नियमों को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि यह बजट देश के भविष्य और मध्यम वर्ग के हितों के खिलाफ है।
जीतू पटवारी ने सरकार को उसके पुराने वादों की याद दिलाते हुए कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी ने 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने और 2022 तक देश को नई दिशा देने की बात कही थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हर साल 2 करोड़ रोजगार देने और 100 शहरों को ‘स्मार्ट सिटी’ बनाने जैसे लुभावने सपने दिखाए गए थे, लेकिन हकीकत इसके उलट है। पटवारी के अनुसार, वर्तमान बजट यह संदेश देता है कि प्रधानमंत्री देश को गलत दिशा में ले गए हैं, जिससे मिडिल क्लास और लघु उद्योगों (MSME) पर हमले जारी हैं।
शिक्षा क्षेत्र को किसी भी देश के सम्मान और भविष्य का आधार बताते हुए पटवारी ने बजट आवंटन पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने शिक्षा बजट को घटाकर केवल 2.7% कर दिया है। उनका कहना है कि यह कटौती स्पष्ट करती है कि प्रधानमंत्री शिक्षा के मामले में देश में कोई नया नवाचार (Innovation) नहीं करना चाहते हैं। कांग्रेस का मानना है कि सरकार को छात्रों की छात्रवृत्ति बढ़ाने और शिक्षा पर खर्च बढ़ाने की बात करनी चाहिए थी, लेकिन इसके विपरीत बजट घटा दिया गया।
Jitu Patwari Rewa Visit: मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपने रीवा दौरे के दौरान केंद्रीय बजट और यूजीसी (UGC) के नए नियमों को लेकर केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि यह बजट देश के भविष्य और मध्यम वर्ग के हितों के खिलाफ है।
जीतू पटवारी ने सरकार को उसके पुराने वादों की याद दिलाते हुए कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी ने 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने और 2022 तक देश को नई दिशा देने की बात कही थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हर साल 2 करोड़ रोजगार देने और 100 शहरों को ‘स्मार्ट सिटी’ बनाने जैसे लुभावने सपने दिखाए गए थे, लेकिन हकीकत इसके उलट है। पटवारी के अनुसार, वर्तमान बजट यह संदेश देता है कि प्रधानमंत्री देश को गलत दिशा में ले गए हैं, जिससे मिडिल क्लास और लघु उद्योगों (MSME) पर हमले जारी हैं।
शिक्षा क्षेत्र को किसी भी देश के सम्मान और भविष्य का आधार बताते हुए पटवारी ने बजट आवंटन पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने शिक्षा बजट को घटाकर केवल 2.7% कर दिया है। उनका कहना है कि यह कटौती स्पष्ट करती है कि प्रधानमंत्री शिक्षा के मामले में देश में कोई नया नवाचार (Innovation) नहीं करना चाहते हैं। कांग्रेस का मानना है कि सरकार को छात्रों की छात्रवृत्ति बढ़ाने और शिक्षा पर खर्च बढ़ाने की बात करनी चाहिए थी, लेकिन इसके विपरीत बजट घटा दिया गया।