Hemant Soren Government Controversy: झारखंड में लंबे समय से चल रहे छात्र आंदोलन के आगे आखिरकार हेमंत सोरेन सरकार को झुकना पड़ा है। जेएसएससी सीजीएल और टीटीपीएल समेत कई विवादित परीक्षाओं को रद्द करने का बड़ा ऐलान किया गया है, जिसके बाद करीब 24 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो और उम्मे हबीबा ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। हालांकि परीक्षा रद्द होने से छात्रों को फौरी राहत जरूर मिली है, लेकिन सरकार के सामने अब नया विवाद और संकट खड़ा हो गया है।
छात्रों और नेताओं की मांग है कि सिर्फ परीक्षाएं रद्द करना काफी नहीं है, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में हुई कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष सीबीआई जांच हो, जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए, आंदोलन के दौरान दर्ज फर्जी एफआईआर वापस ली जाएं और निलंबित शिक्षकों को बहाल किया जाए। परीक्षा रद्द होने के बाद अब सरकार की असली परीक्षा शुरू हो चुकी है, क्योंकि छात्रों का भरोसा जीतना और भ्रष्टाचार की तह तक पहुंचना अभी बाकी है।