RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान को जगतगुरु रामभद्राचार्य ने नकारा, बोले : साम-दाम-दंड-भेद का भी करें उपयोग
जगतगुरु रामभद्राचार्य ने कहा मोहन भागवत किसी संगठन के प्रमुख हो सकते हैं और उनका यह निजी बयान हो सकता है। हिंदू धर्म से जुड़े सारे मामलों पर फैसला करने का अधिकार हिंदू धर्म के साधु-संतों का है, उनका नहीं।
- Written By: विजय कुमार तिवारी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के बयान के विपरीत जगतगुरु रामभद्राचार्य ने कहा है कि हिंदू धर्म की सभी प्राचीन और जरूरी चीजों पर हिंदुओं का हक होना चाहिए और उसे किसी भी प्रकार से हिंदुओं को वापस मिलना चाहिए। इसके लिए साम, दाम, दंड, भेद जैसे सारे उपायों का उपयोग किया जाए तो कोई गलत नहीं है। वहीं उन्होंने मोहन भागवत के बयान पर कहा कि वह किसी संगठन के प्रमुख हो सकते हैं और उनका यह निजी बयान हो सकता है। हिंदू धर्म से जुड़े सारे मामलों पर फैसला करने का अधिकार हिंदू धर्म के साधु-संतों का है। उनका नहीं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत के बयान के विपरीत जगतगुरु रामभद्राचार्य ने कहा है कि हिंदू धर्म की सभी प्राचीन और जरूरी चीजों पर हिंदुओं का हक होना चाहिए और उसे किसी भी प्रकार से हिंदुओं को वापस मिलना चाहिए। इसके लिए साम, दाम, दंड, भेद जैसे सारे उपायों का उपयोग किया जाए तो कोई गलत नहीं है। वहीं उन्होंने मोहन भागवत के बयान पर कहा कि वह किसी संगठन के प्रमुख हो सकते हैं और उनका यह निजी बयान हो सकता है। हिंदू धर्म से जुड़े सारे मामलों पर फैसला करने का अधिकार हिंदू धर्म के साधु-संतों का है। उनका नहीं।
