जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ माता के संरक्षण और राजनीतिक दलों के रवैये को साफ करने के लिए 17 मार्च 2025 तक का समय दिया है। एक प्रेस कांफ्रेंस की करके उन्होंने कहा कि यदि गाय को माता माना जाता है, तो इसे कानूनी रूप से माता का दर्जा मिलना चाहिए। गो वध को रोका जाना चाहिए। जो भी दल या नेता अपने आपको गौ प्रेमी कहते हैं, हम उनका इंतजार कर रहे हैं, जो लोग मौन रहेंगे और हमें भ्रम में रखने की कोशिश करेंगे। हम लोग उनको भी गोमाता की रक्षा का विरोधी मानेंगे। इसके लिए 17 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में एकत्रित होंगे और देश के 100 करोड़ सनातियों की मांग रखेंगे।
जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ माता के संरक्षण और राजनीतिक दलों के रवैये को साफ करने के लिए 17 मार्च 2025 तक का समय दिया है। एक प्रेस कांफ्रेंस की करके उन्होंने कहा कि यदि गाय को माता माना जाता है, तो इसे कानूनी रूप से माता का दर्जा मिलना चाहिए। गो वध को रोका जाना चाहिए। जो भी दल या नेता अपने आपको गौ प्रेमी कहते हैं, हम उनका इंतजार कर रहे हैं, जो लोग मौन रहेंगे और हमें भ्रम में रखने की कोशिश करेंगे। हम लोग उनको भी गोमाता की रक्षा का विरोधी मानेंगे। इसके लिए 17 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में एकत्रित होंगे और देश के 100 करोड़ सनातियों की मांग रखेंगे।