ISRO का 101वां लॉन्च फेल, विशेषज्ञ बोले- हर लाॅन्च सीखने की नई प्रक्रिया
इसरो ने रविवार को अपना 101वां मिशन लॉन्च किया। लेकिन पहले दो चरणों में कामयाबी के बाद तकनीकी खराबी के चलते फेल हो गया। इस लेकर अंतरिक्ष रणनीतिकार पीके घोष ने बात की। घोष ने कहा इसरो बहुत जल्द इस समस्या का हल ढूंढ लेगा।
- Written By: अक्षय साहू
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने रविवार (18मई) को अपना 101वां मिशन लॉन्च किया। दो चरणों तक सफलता से प्रदर्शन करने के बाद तीसरे चरण में इसमें कुछ खामियां आईं, जिससे यह मिशन पूरा नहीं हो पाया। इसरो ने रविवार को EOS-09 सेटेलाइट लॉन्च किया। इसे लेकर अंतरिक्ष रणनीतिकार पीके घोष ने मीडिया से बात की। अंतरिक्ष रणनीतिकार ने कहा कि हर एक लॉन्च से कुछ न कुछ नया सीखते हैं। घोष ने कहा कि इसरो की ओर से पीएसएलवी-सी61 पर अपने 101वें उपग्रह ईओएस-09 के लॉन्च में हुई दुर्भाग्यपूर्ण विफलता को सीखने की प्रक्रिया के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए, न कि इस विफलता से हतोत्साहित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह थोड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन मैं ‘विफलता’ शब्द का उपयोग करना पसंद नहीं करता। हर प्रक्षेपण एक सीखने की प्रक्रिया है। हम मानते हैं कि तीसरे चरण में कुछ समस्या थी। यह हमारा 101वां प्रक्षेपण है, हमें महत्वपूर्ण सफलता मिली। मुझे यकीन है कि हम इससे सीखेंगे और अपने अगले प्रक्षेपण में आगे बढ़ेंगे।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने रविवार (18मई) को अपना 101वां मिशन लॉन्च किया। दो चरणों तक सफलता से प्रदर्शन करने के बाद तीसरे चरण में इसमें कुछ खामियां आईं, जिससे यह मिशन पूरा नहीं हो पाया। इसरो ने रविवार को EOS-09 सेटेलाइट लॉन्च किया। इसे लेकर अंतरिक्ष रणनीतिकार पीके घोष ने मीडिया से बात की। अंतरिक्ष रणनीतिकार ने कहा कि हर एक लॉन्च से कुछ न कुछ नया सीखते हैं। घोष ने कहा कि इसरो की ओर से पीएसएलवी-सी61 पर अपने 101वें उपग्रह ईओएस-09 के लॉन्च में हुई दुर्भाग्यपूर्ण विफलता को सीखने की प्रक्रिया के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए, न कि इस विफलता से हतोत्साहित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह थोड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन मैं ‘विफलता’ शब्द का उपयोग करना पसंद नहीं करता। हर प्रक्षेपण एक सीखने की प्रक्रिया है। हम मानते हैं कि तीसरे चरण में कुछ समस्या थी। यह हमारा 101वां प्रक्षेपण है, हमें महत्वपूर्ण सफलता मिली। मुझे यकीन है कि हम इससे सीखेंगे और अपने अगले प्रक्षेपण में आगे बढ़ेंगे।
