22 जून को अमेरिका ने ईरान में फोर्दो सहित 3 परमाणु ठिकानों पर हमला किया था। इनमें नतांज और इस्फहान का नाम शामिल है। इजरायल ने नया हमला उसी जगह पर किया है, जहां रविवार की सुबह अमेरिका ने अपने बी-2 बॉम्बर्स से करीब 13000 किलो वजनी GBU-57 बम गिराया था। अमेरिका के हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र परमाणु निगरानी संस्था के प्रमुख ने सोमवार को बताया कि अमेरिका की ओर से अत्याधुनिक बंकर-बस्टर बमों से किए गए हवाई हमले के बाद फोर्डो में ईरान के भूमिगत प्रतिष्ठान को भारी नुकसान होने की आशंका है। विदेश मामलों के विशेषज्ञ सुशांत सरीन ने मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने ईरान के संभावित जवाबी कदमों और उनके वैश्विक प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह क्षेत्र अब एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहाँ कुछ भी असंभव नहीं है।
22 जून को अमेरिका ने ईरान में फोर्दो सहित 3 परमाणु ठिकानों पर हमला किया था। इनमें नतांज और इस्फहान का नाम शामिल है। इजरायल ने नया हमला उसी जगह पर किया है, जहां रविवार की सुबह अमेरिका ने अपने बी-2 बॉम्बर्स से करीब 13000 किलो वजनी GBU-57 बम गिराया था। अमेरिका के हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र परमाणु निगरानी संस्था के प्रमुख ने सोमवार को बताया कि अमेरिका की ओर से अत्याधुनिक बंकर-बस्टर बमों से किए गए हवाई हमले के बाद फोर्डो में ईरान के भूमिगत प्रतिष्ठान को भारी नुकसान होने की आशंका है। विदेश मामलों के विशेषज्ञ सुशांत सरीन ने मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने ईरान के संभावित जवाबी कदमों और उनके वैश्विक प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह क्षेत्र अब एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहाँ कुछ भी असंभव नहीं है।