Indus Water Treaty: भारत के एक फैसले से पाकिस्तान परेशान! सिंधु के जल को लेकर मचा घमासान!, VIDEO
Pakistan: पाकिस्तान की पूरी कृषि व्यवस्था काफी हद तक सिंधु नदी प्रणाली पर निर्भर है। और यही वजह है कि भारत द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित किए जाने के बाद पाकिस्तान की बेचैनी लगातार बढ़ती दिखाई दे रही।
- Written By: तनमय बरनवाल
Indus Water: पाकिस्तान के मंत्री ने भारत को धमकी दी है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल है। ये बयान ऐसे समय पर आया है जब भारत के एक कदम से पाकिस्तान बौखला गया। बीते 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए। इनमें सबसे बड़ा फैसला था सिंधु जल समझौता स्थगित करना। भारत ने साफ कहा कि आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते। पीएम मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी दो टूक शब्दों में कहा कि भारत का पानी अब उन लोगों तक नहीं पहुंचेगा जो आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं। भारत के इस रुख ने पाकिस्तान की चिंता कई गुना बढ़ा दी है।
क्योंकि पाकिस्तान की पूरी कृषि व्यवस्था काफी हद तक सिंधु नदी प्रणाली पर निर्भर है। और यही वजह है कि भारत द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित किए जाने के बाद पाकिस्तान की बेचैनी लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है। कभी पाकिस्तान के मंत्री भारत को धमकी दे रहे हैं। कभी विश्व बैंक का दरवाजा खटखटाया जा रहा है । तो कभी सिंध और पंजाब एक-दूसरे पर पानी चुराने के आरोप लगा रहे हैं। सवाल है? क्या सिंधु जल संधि पर भारत के फैसले ने पाकिस्तान के सबसे बड़े आर्थिक सहारे को संकट में डाल दिया है? क्या पाकिस्तान में खेती-किसानी खतरे में है? और क्या सचमुच पाकिस्तान के सामने खाद्य संकट और भुखमरी जैसी स्थिति पैदा हो सकती है? आइए पूरी कहानी समझते हैं।
Indus Water: पाकिस्तान के मंत्री ने भारत को धमकी दी है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल है। ये बयान ऐसे समय पर आया है जब भारत के एक कदम से पाकिस्तान बौखला गया। बीते 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए। इनमें सबसे बड़ा फैसला था सिंधु जल समझौता स्थगित करना। भारत ने साफ कहा कि आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते। पीएम मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी दो टूक शब्दों में कहा कि भारत का पानी अब उन लोगों तक नहीं पहुंचेगा जो आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं। भारत के इस रुख ने पाकिस्तान की चिंता कई गुना बढ़ा दी है।
क्योंकि पाकिस्तान की पूरी कृषि व्यवस्था काफी हद तक सिंधु नदी प्रणाली पर निर्भर है। और यही वजह है कि भारत द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित किए जाने के बाद पाकिस्तान की बेचैनी लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है। कभी पाकिस्तान के मंत्री भारत को धमकी दे रहे हैं। कभी विश्व बैंक का दरवाजा खटखटाया जा रहा है । तो कभी सिंध और पंजाब एक-दूसरे पर पानी चुराने के आरोप लगा रहे हैं। सवाल है? क्या सिंधु जल संधि पर भारत के फैसले ने पाकिस्तान के सबसे बड़े आर्थिक सहारे को संकट में डाल दिया है? क्या पाकिस्तान में खेती-किसानी खतरे में है? और क्या सचमुच पाकिस्तान के सामने खाद्य संकट और भुखमरी जैसी स्थिति पैदा हो सकती है? आइए पूरी कहानी समझते हैं।
