क्रिप्टो करेंसी के ‘काले खेल’ में नपे तीन वर्दीधारी; इंदौर के 3 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज
Indore Police News: एरोड्रम थाने में पदस्थ तीन पुलिसकर्मियों पर क्रिप्टो करेंसी लेनदेन के मामले में पद के दुरुपयोग और संदिग्ध भूमिका के गंभीर आरोप लगे हैं। रसूख का इस्तेमाल कर लाखों की हेराफेरी की।
- Written By: अमन मौर्या
Indore Police Crypto Case Action: मध्य प्रदेश की न्यायधानी इंदौर में पुलिस विभाग की छवि पर एक बार फिर दाग लगा है। एरोड्रम थाने में पदस्थ तीन पुलिसकर्मियों पर क्रिप्टो करेंसी लेनदेन के मामले में पद के दुरुपयोग और संदिग्ध भूमिका के गंभीर आरोप लगे हैं। यह पूरा मामला तब सामने आया जब डीसीपी जोन-1 कृष्ण लाल चंदानी के पास दो पक्षों के बीच चल रहे क्रिप्टो विवाद में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता की शिकायत पहुंची। आरोप है कि सब-इंस्पेक्टर राम शाक्य, हेड कांस्टेबल दीपू यादव और आरक्षक योगेश लश्करिया ने विवाद सुलझाने के नाम पर बिचौलिए की भूमिका निभाई और रसूख का इस्तेमाल कर लाखों की हेराफेरी की। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जांच में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इन तीनों को तत्काल प्रभाव से थाने से हटाकर कार्यालय अटैच (लाइन हाजिर) कर दिया गया है। एसीपी पराग सैनी के अनुसार, पूरे मामले की बारीकी से जांच की जा रही है कि पुलिसकर्मियों और क्रिप्टो सौदागरों के बीच क्या सांठगांठ थी। इंदौर पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई यह स्पष्ट संदेश देती है कि वर्दी की आड़ में अवैध खेल खेलने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
Indore Police Crypto Case Action: मध्य प्रदेश की न्यायधानी इंदौर में पुलिस विभाग की छवि पर एक बार फिर दाग लगा है। एरोड्रम थाने में पदस्थ तीन पुलिसकर्मियों पर क्रिप्टो करेंसी लेनदेन के मामले में पद के दुरुपयोग और संदिग्ध भूमिका के गंभीर आरोप लगे हैं। यह पूरा मामला तब सामने आया जब डीसीपी जोन-1 कृष्ण लाल चंदानी के पास दो पक्षों के बीच चल रहे क्रिप्टो विवाद में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता की शिकायत पहुंची। आरोप है कि सब-इंस्पेक्टर राम शाक्य, हेड कांस्टेबल दीपू यादव और आरक्षक योगेश लश्करिया ने विवाद सुलझाने के नाम पर बिचौलिए की भूमिका निभाई और रसूख का इस्तेमाल कर लाखों की हेराफेरी की। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जांच में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इन तीनों को तत्काल प्रभाव से थाने से हटाकर कार्यालय अटैच (लाइन हाजिर) कर दिया गया है। एसीपी पराग सैनी के अनुसार, पूरे मामले की बारीकी से जांच की जा रही है कि पुलिसकर्मियों और क्रिप्टो सौदागरों के बीच क्या सांठगांठ थी। इंदौर पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई यह स्पष्ट संदेश देती है कि वर्दी की आड़ में अवैध खेल खेलने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
