Vijay Jaiswal Organ Donation Indore: इंदौर के जुपिटर अस्पताल में खरगोन के जायसवाल परिवार ने अपने निजी दुख को पीछे छोड़कर मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की है। सड़क हादसे के शिकार हुए विजय जायसवाल को डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया था, जिसके बाद उनके परिवार ने अंगदान करने का साहसिक फैसला लिया। इस एक फैसले से चार परिवारों के जीवन में फिर से रोशनी लौट आई है। विजय के अंगों में से एक लिवर को इंदौर में ही ट्रांसप्लांट किया गया, जबकि दो किडनी चोइथराम और जुपिटर अस्पताल में दी गईं। वहीं, उनके हृदय को चार्टर विमान के जरिए अहमदाबाद भेजा गया, जिसके लिए शहर में ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। जायसवाल परिवार के इस जज्बे को देखते हुए प्रशासन ने विजय को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देकर अंतिम विदाई दी। इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने इस परोपकार की सराहना करते हुए कहा कि इंदौर स्वच्छता के बाद अब अंगदान में भी देश में नंबर वन बनने की दिशा में अभियान शुरू करेगा। भारत में अंगदान की दर बेहद कम होने के बीच यह घटना समाज के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।
Vijay Jaiswal Organ Donation Indore: इंदौर के जुपिटर अस्पताल में खरगोन के जायसवाल परिवार ने अपने निजी दुख को पीछे छोड़कर मानवता की एक अनूठी मिसाल पेश की है। सड़क हादसे के शिकार हुए विजय जायसवाल को डॉक्टरों ने ब्रेन डेड घोषित कर दिया था, जिसके बाद उनके परिवार ने अंगदान करने का साहसिक फैसला लिया। इस एक फैसले से चार परिवारों के जीवन में फिर से रोशनी लौट आई है। विजय के अंगों में से एक लिवर को इंदौर में ही ट्रांसप्लांट किया गया, जबकि दो किडनी चोइथराम और जुपिटर अस्पताल में दी गईं। वहीं, उनके हृदय को चार्टर विमान के जरिए अहमदाबाद भेजा गया, जिसके लिए शहर में ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। जायसवाल परिवार के इस जज्बे को देखते हुए प्रशासन ने विजय को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देकर अंतिम विदाई दी। इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने इस परोपकार की सराहना करते हुए कहा कि इंदौर स्वच्छता के बाद अब अंगदान में भी देश में नंबर वन बनने की दिशा में अभियान शुरू करेगा। भारत में अंगदान की दर बेहद कम होने के बीच यह घटना समाज के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।