सनातनियों की आस्था के साथ खिलवाड़…ट्रेड डील पर BJP पर भड़के अखिलेश यादव, लगाए गंभीर आरोप
Uttar Pradesh News: अखिलेश यादव ने कहा कि अमेरिका के साथ डील से डेयरी और कृषि प्रभावित होंगे, स्वदेशी का नारा कमजोर पड़ रहा है, जनता और सैनिकों को सच जानने का अधिकार है।
- Written By: अक्षय साहू
Akhilesh Yadav slams BJP: हाल ही में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अमेरिका के साथ होने वाली व्यापार डील की ओर इशारा किया, जिसमें कृषि और डेयरी उद्योग को शामिल करने की बात कही जा रही है। इसे लेकर विपक्षी पार्टियां तीखी प्रतिक्रिया दे रही हैं। समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने पूछा कि हम आखिरकार किस दिशा में जा रहे हैं। उनके अनुसार, अमेरिका के साथ हुई यह डील अब ढील साबित हो रही है और इसका असर आम जनजीवन पर भी पड़ सकता है। अगर डेयरी उत्पाद वहां से भारत में आने लगें, तो सनातकों के लिए व्रत पालन कठिन हो जाएगा। वे स्वदेशी की बातें करते हैं, लेकिन ऐसे निर्णयों के सामने यह नारा कितना प्रभावी है? अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि वही लोग, जो बड़े कार्यालयों में बैठकर अंग्रेज़ी चश्मा लगाए हैं, इस मुद्दे पर चुप हैं। चीन के मामलों में जब विपक्ष सवाल उठा रहा था, तब पार्टी पीछे हट गई थी। उन्होंने चेताया कि केवल हमारी जमीन ही नहीं, बल्कि बाजार भी धीरे-धीरे हमारे हाथ से जा रहा है। जनता और सैनिकों को वास्तविक स्थिति जानने का अधिकार है।
Akhilesh Yadav slams BJP: हाल ही में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अमेरिका के साथ होने वाली व्यापार डील की ओर इशारा किया, जिसमें कृषि और डेयरी उद्योग को शामिल करने की बात कही जा रही है। इसे लेकर विपक्षी पार्टियां तीखी प्रतिक्रिया दे रही हैं। समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने पूछा कि हम आखिरकार किस दिशा में जा रहे हैं। उनके अनुसार, अमेरिका के साथ हुई यह डील अब ढील साबित हो रही है और इसका असर आम जनजीवन पर भी पड़ सकता है। अगर डेयरी उत्पाद वहां से भारत में आने लगें, तो सनातकों के लिए व्रत पालन कठिन हो जाएगा। वे स्वदेशी की बातें करते हैं, लेकिन ऐसे निर्णयों के सामने यह नारा कितना प्रभावी है? अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि वही लोग, जो बड़े कार्यालयों में बैठकर अंग्रेज़ी चश्मा लगाए हैं, इस मुद्दे पर चुप हैं। चीन के मामलों में जब विपक्ष सवाल उठा रहा था, तब पार्टी पीछे हट गई थी। उन्होंने चेताया कि केवल हमारी जमीन ही नहीं, बल्कि बाजार भी धीरे-धीरे हमारे हाथ से जा रहा है। जनता और सैनिकों को वास्तविक स्थिति जानने का अधिकार है।
