भारत-पाक मैच को लेकर गहरा हुआ विवाद, उद्धव के देशद्रोही वाले बयान पर BJP का पलटवार
Maharashtra News: उद्धव ठाकरे के बयान पर विवाद गहराया, जिसमें उन्होंने भारत-पाकिस्तान मैच देखने वालों को देशद्रोही बताया। भाजपा ने पलटवार करते हुए इसे सस्ती राजनीति और हिंदुत्व से विचलन करार दिया।
- Written By: अक्षय साहू
एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए तीन मुकाबलों को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के एक बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। ठाकरे ने कहा कि जो लोग भारत-पाकिस्तान का मैच देख रहे थे, वे देशद्रोही हैं। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तीखी बहस छेड़ दी है। अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी उद्धव ठाकरे पर तीखा पलटवार किया है। भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, संगत और सोबत का असर सबसे ज्यादा अगर कहीं नजर आ रहा है, तो वो महाराष्ट्र की इस पार्टी पर दिख रहा है। यह बेहद अफसोसजनक है कि एक पार्टी जो कभी हिंदुत्व और राष्ट्रवाद की बात करती थी, आज वो धर्मनिरपेक्षता के नाम पर ढोंग कर रही है और विरोध की राजनीति में लग गई है। नकवी ने आगे कहा, नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री हैं और 150 करोड़ देशवासियों के नेता हैं। उन्हें कमजोर दिखाने की कोशिश केवल सस्ती राजनीति है।
एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए तीन मुकाबलों को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के एक बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। ठाकरे ने कहा कि जो लोग भारत-पाकिस्तान का मैच देख रहे थे, वे देशद्रोही हैं। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तीखी बहस छेड़ दी है। अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी उद्धव ठाकरे पर तीखा पलटवार किया है। भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, संगत और सोबत का असर सबसे ज्यादा अगर कहीं नजर आ रहा है, तो वो महाराष्ट्र की इस पार्टी पर दिख रहा है। यह बेहद अफसोसजनक है कि एक पार्टी जो कभी हिंदुत्व और राष्ट्रवाद की बात करती थी, आज वो धर्मनिरपेक्षता के नाम पर ढोंग कर रही है और विरोध की राजनीति में लग गई है। नकवी ने आगे कहा, नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री हैं और 150 करोड़ देशवासियों के नेता हैं। उन्हें कमजोर दिखाने की कोशिश केवल सस्ती राजनीति है।
