डेटा खपत में नंबर-1 बना भारत, हर महीने 36 GB तक इंटरनेट उड़ा रहे हैं भारतीय; 5G नेटवर्क ने बदली तस्वीर-VIDEO
Internet Usage in India: भारत में इंटरनेट और मोबाइल डेटा की खपत में एक अभूतपूर्व उछाल आया है, जिसने अमेरिका और चीन जैसे बड़े देशों को भी पीछे छोड़ दिया है।
- Written By: मनोज आर्या
Daily Internet Usage in India: भारत में इंटरनेट और मोबाइल डेटा की खपत में एक अभूतपूर्व उछाल आया है, जिसने अमेरिका और चीन जैसे बड़े देशों को भी पीछे छोड़ दिया है। नोकिया और एरिक्सन की ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में अब 100 करोड़ से ज्यादा सक्रिय इंटरनेट यूजर्स हैं और देश का हर दसवां में से सातवां नागरिक इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहा है। डेटा खपत के मामले में एक भारतीय यूजर हर महीने औसतन 31 से 36 GB डेटा खर्च कर रहा है, जो रोजाना के हिसाब से करीब 1 से 1.2 GB बैठता है। इस भारी डेटा विस्फोट के पीछे 4K वीडियो, इंस्टाग्राम रील्स, यूट्यूब, ओटीटी प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन गेमिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स का बढ़ता चलन है। इसके अलावा देश में तेजी से फैल रहा हाई-स्पीड 5G नेटवर्क इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह बनकर उभरा है, जहां मेट्रो शहरों में कुल डेटा ट्रैफिक का 58 प्रतिशत हिस्सा अकेले 5G नेटवर्क पर ट्रांसफर हो रहा है। भारत में मिलने वाला दुनिया का सबसे सस्ता डेटा प्लान और बाजार में 5G स्मार्टफोन्स की बढ़ती हिस्सेदारी इस रफ्तार को और तेज कर रही है, हालांकि इस डिजिटल विस्तार के साथ ही साइबर सुरक्षा, डेटा प्राइवेसी और नेटवर्क के बढ़ते दबाव जैसी चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। देखिए पूरा विश्लेषण।
Daily Internet Usage in India: भारत में इंटरनेट और मोबाइल डेटा की खपत में एक अभूतपूर्व उछाल आया है, जिसने अमेरिका और चीन जैसे बड़े देशों को भी पीछे छोड़ दिया है। नोकिया और एरिक्सन की ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में अब 100 करोड़ से ज्यादा सक्रिय इंटरनेट यूजर्स हैं और देश का हर दसवां में से सातवां नागरिक इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहा है। डेटा खपत के मामले में एक भारतीय यूजर हर महीने औसतन 31 से 36 GB डेटा खर्च कर रहा है, जो रोजाना के हिसाब से करीब 1 से 1.2 GB बैठता है। इस भारी डेटा विस्फोट के पीछे 4K वीडियो, इंस्टाग्राम रील्स, यूट्यूब, ओटीटी प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन गेमिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स का बढ़ता चलन है। इसके अलावा देश में तेजी से फैल रहा हाई-स्पीड 5G नेटवर्क इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह बनकर उभरा है, जहां मेट्रो शहरों में कुल डेटा ट्रैफिक का 58 प्रतिशत हिस्सा अकेले 5G नेटवर्क पर ट्रांसफर हो रहा है। भारत में मिलने वाला दुनिया का सबसे सस्ता डेटा प्लान और बाजार में 5G स्मार्टफोन्स की बढ़ती हिस्सेदारी इस रफ्तार को और तेज कर रही है, हालांकि इस डिजिटल विस्तार के साथ ही साइबर सुरक्षा, डेटा प्राइवेसी और नेटवर्क के बढ़ते दबाव जैसी चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। देखिए पूरा विश्लेषण।
