थूक जिहाद, वोट जिहाद…मीडिया चैनलों पर भड़के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी, जमकर लताड़ा
Imran Pratapgarhi Speech in Rajya Sabha: इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि कुछ मीडिया चैनल समाज में नफरत फैलाते हैं, झूठे सांप्रदायिक एजेंडे दिखाते हैं और पत्रकारों को दबाते हैं; सुधार और निगरानी जरूरी है।
- Written By: अक्षय साहू
Imran Pratapgarhi in Rajya Sabha: राज्यसभा में कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने मीडिया पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कुछ टीवी चैनल समाज में नफरत फैलाने का काम कर रहे हैं और सांप्रदायिक एजेंडा चला रहे हैं। उन्होंने कहा, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पहले कहा था कि भाजपा ने पूरे देश में नफरत का केरोसिन छिड़क दिया है, लेकिन सच यह है कि मीडिया को माचिस की तीलियां भी थमा दी गई हैं। उन्होंने बताया कि प्राइम टाइम पर किसानों की बदहाली, बेरोजगारी जैसे मुद्दों की बजाय “लव जिहाद,” “लैंड जिहाद” और “यूपीएससी जिहाद” जैसे कार्यक्रम बन रहे हैं। टीवी स्टूडियो अदालत बन गए हैं, कानून की जगह टीआरपी से फैसले तय हो रहे हैं। जो पत्रकार इस एजेंडे में शामिल नहीं हैं, उनकी नौकरियां छीनी जा रही हैं या जेल भेजा जा रहा है, जैसे सिद्दीक कप्पन। प्रतापगढ़ी ने अपील की कि एक सर्वदलीय कमेटी बनाई जाए ताकि मीडिया और सोशल मीडिया के जहरीले असर से आने वाली पीढ़ियों को बचाया जा सके। प्रेस काउंसिल और NPDSA को मजबूत किया जाए और झूठे, देश तोड़ने वाले कंटेंट पर रोक लगाई जाए।
Imran Pratapgarhi in Rajya Sabha: राज्यसभा में कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने मीडिया पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कुछ टीवी चैनल समाज में नफरत फैलाने का काम कर रहे हैं और सांप्रदायिक एजेंडा चला रहे हैं। उन्होंने कहा, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पहले कहा था कि भाजपा ने पूरे देश में नफरत का केरोसिन छिड़क दिया है, लेकिन सच यह है कि मीडिया को माचिस की तीलियां भी थमा दी गई हैं। उन्होंने बताया कि प्राइम टाइम पर किसानों की बदहाली, बेरोजगारी जैसे मुद्दों की बजाय “लव जिहाद,” “लैंड जिहाद” और “यूपीएससी जिहाद” जैसे कार्यक्रम बन रहे हैं। टीवी स्टूडियो अदालत बन गए हैं, कानून की जगह टीआरपी से फैसले तय हो रहे हैं। जो पत्रकार इस एजेंडे में शामिल नहीं हैं, उनकी नौकरियां छीनी जा रही हैं या जेल भेजा जा रहा है, जैसे सिद्दीक कप्पन। प्रतापगढ़ी ने अपील की कि एक सर्वदलीय कमेटी बनाई जाए ताकि मीडिया और सोशल मीडिया के जहरीले असर से आने वाली पीढ़ियों को बचाया जा सके। प्रेस काउंसिल और NPDSA को मजबूत किया जाए और झूठे, देश तोड़ने वाले कंटेंट पर रोक लगाई जाए।
