CJP आंदोलन से पहले अमेरिका को कैसे थी खबर? अमेरिकी दूतावास के अलर्ट से उठे सवाल!, VIDEO
CJP: सवाल ये कि जब दिल्ली में CJP का संसद मार्च होना था जब किसान संगठनों ने राजधानी कूच की तैयारी की थी तब भारत में अमेरिकी दूतावास को इसकी जानकारी तीन दिन पहले कैसे थी?
- Written By: तनमय बरनवाल
CJP Protest Update: दिल्ली में CJP प्रदर्शन कर ही है। नीट समेत तमाम मामलों को लेकर धरने पर छात्र है। जो शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। लेकिन इसी बीच एक ऐसा दस्तावेज सामने आया है जिसने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल ये कि जब दिल्ली में CJP का संसद मार्च होना था जब किसान संगठनों ने राजधानी कूच की तैयारी की थी तब भारत में अमेरिकी दूतावास को इसकी जानकारी तीन दिन पहले कैसे थी? क्या यह महज एक सुरक्षा अलर्ट था? या फिर इसके पीछे कोई बड़ा एंगल छिपा हुआ है? दरअसल, 17 जुलाई 2026 को भारत में अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए एक सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया। इस अलर्ट में साफ तौर पर लिखा गया कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर और संसद भवन के आसपास बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है।
अलर्ट में यह भी कहा गया कि यह प्रदर्शन संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ होगा, जिसके कारण सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी और ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है। यही नहीं अमेरिकी दूतावास ने 21 जुलाई को किसान घाट पर प्रस्तावित किसान आंदोलन का भी जिक्र किया। उसने दावा किया कि लगभग 250 किसान संगठनों के दिल्ली पहुंचने की संभावना है। इसके बाद अमेरिकी नागरिकों को भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने, वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने और अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई। अब यहीं से सवाल शुरू होते हैं। आखिर अमेरिकी दूतावास को तीन दिन पहले कैसे पता चल गया कि दिल्ली में इतना बड़ा प्रदर्शन होने वाला है?
CJP Protest Update: दिल्ली में CJP प्रदर्शन कर ही है। नीट समेत तमाम मामलों को लेकर धरने पर छात्र है। जो शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। लेकिन इसी बीच एक ऐसा दस्तावेज सामने आया है जिसने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल ये कि जब दिल्ली में CJP का संसद मार्च होना था जब किसान संगठनों ने राजधानी कूच की तैयारी की थी तब भारत में अमेरिकी दूतावास को इसकी जानकारी तीन दिन पहले कैसे थी? क्या यह महज एक सुरक्षा अलर्ट था? या फिर इसके पीछे कोई बड़ा एंगल छिपा हुआ है? दरअसल, 17 जुलाई 2026 को भारत में अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए एक सिक्योरिटी अलर्ट जारी किया। इस अलर्ट में साफ तौर पर लिखा गया कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर और संसद भवन के आसपास बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना है।
अलर्ट में यह भी कहा गया कि यह प्रदर्शन संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ होगा, जिसके कारण सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी और ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है। यही नहीं अमेरिकी दूतावास ने 21 जुलाई को किसान घाट पर प्रस्तावित किसान आंदोलन का भी जिक्र किया। उसने दावा किया कि लगभग 250 किसान संगठनों के दिल्ली पहुंचने की संभावना है। इसके बाद अमेरिकी नागरिकों को भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने, वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने और अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई। अब यहीं से सवाल शुरू होते हैं। आखिर अमेरिकी दूतावास को तीन दिन पहले कैसे पता चल गया कि दिल्ली में इतना बड़ा प्रदर्शन होने वाला है?
