नक्सलवाद बनाम लोकतंत्र, अमित शाह ने बताया कैसे मोदी सरकार में खत्म हो रहा लाल आतंक- VIDEO
Amit Shah: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में माओवाद और नक्सलवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि सरकार किसी भी तरह की सशस्त्र क्रांति को बर्दाश्त नहीं करेगी।
- Written By: मनोज आर्या
Amit Shah on Naxalism In Lok Sabha: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में माओवाद और नक्सलवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि सरकार किसी भी तरह की सशस्त्र क्रांति को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने नक्सलवाद के ऐतिहासिक उदय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसकी जड़ें विकास की कमी या गरीबी में नहीं, बल्कि एक विदेशी प्रेरित विचारधारा में हैं जो लोकतांत्रिक और संसदीय राजनीति का विरोध करती है। शाह ने बताया कि 1925 से शुरू होकर 2026 तक का इनका 101 साल का इतिहास अब समाप्ति की ओर है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने सुरक्षा बलों और विकास कार्यों के माध्यम से इनकी कमर तोड़ दी है। उन्होंने विपक्ष के ‘अन्याय’ वाले तर्क को खारिज करते हुए कहा कि पिछड़ेपन का कारण नक्सलवाद है, न कि इसका उल्टा, क्योंकि नक्सलियों ने ही दशकों तक स्कूलों, अस्पतालों और बैंकों को जलाकर विकास को रोका। गृह मंत्री ने साफ चेतावनी दी कि जो लोग बातचीत का रास्ता नहीं चुनेंगे, उनके खिलाफ सुरक्षा बलों का सख्त उपयोग जारी रहेगा ताकि निर्दोष नागरिकों और आदिवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
Amit Shah on Naxalism In Lok Sabha: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में माओवाद और नक्सलवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि सरकार किसी भी तरह की सशस्त्र क्रांति को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने नक्सलवाद के ऐतिहासिक उदय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसकी जड़ें विकास की कमी या गरीबी में नहीं, बल्कि एक विदेशी प्रेरित विचारधारा में हैं जो लोकतांत्रिक और संसदीय राजनीति का विरोध करती है। शाह ने बताया कि 1925 से शुरू होकर 2026 तक का इनका 101 साल का इतिहास अब समाप्ति की ओर है, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने सुरक्षा बलों और विकास कार्यों के माध्यम से इनकी कमर तोड़ दी है। उन्होंने विपक्ष के ‘अन्याय’ वाले तर्क को खारिज करते हुए कहा कि पिछड़ेपन का कारण नक्सलवाद है, न कि इसका उल्टा, क्योंकि नक्सलियों ने ही दशकों तक स्कूलों, अस्पतालों और बैंकों को जलाकर विकास को रोका। गृह मंत्री ने साफ चेतावनी दी कि जो लोग बातचीत का रास्ता नहीं चुनेंगे, उनके खिलाफ सुरक्षा बलों का सख्त उपयोग जारी रहेगा ताकि निर्दोष नागरिकों और आदिवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
