हरिद्वार में ‘बिरयानी’ पर भारी बवाल, सड़कों पर उतरे साधु-संतों ने दी चेतावनी, VIDEO वायरल
Veg Biryani VS Veg Pulao: हरिद्वार में वेज बिरयानी के नाम पर साधु-संतों का भारी बवाल मच गया है। बिरयानी वाले पोस्टर हटाकर वेज पुलाव के स्टीकर लगाए। मामला तेजी से वायरल हो रहा है।
- Written By: अमन मौर्या
Haridwar Veg Biryani Controversy: धर्म नगरी हरिद्वार में इन दिनों ‘वेज बिरयानी’ और ‘वेज पुलाव’ के नाम को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। अखंड परशुराम अखाड़ा के साधु-संतों ने दुकानों और ठेलों पर लगे ‘वेज बिरयानी’ के बोर्ड, पोस्टर और स्टीकर हटाने का एक बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। साधु-संतों का तर्क है कि ‘बिरयानी’ शब्द मुख्य रूप से हैदराबाद से आया है, जो एक मुस्लिम पहचान और मांसाहार से जुड़ा हुआ है।
चूंकि सावन का पवित्र महीना आने वाला है और देश-विदेश से सनातनी श्रद्धालु यहां गंगा स्नान के लिए आते हैं, इसलिए धर्म नगरी की सांस्कृतिक और धार्मिक पवित्रता को बनाए रखना जरूरी है। संतों ने दुकानदारों से सहयोग की अपील करते हुए ‘वेज बिरयानी’ की जगह ‘वेज पुलाव’ के नए स्टीकर चिपकाए हैं। सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसने अब एक नई राष्ट्रीय और सांस्कृतिक बहस को जन्म दे दिया है।
Haridwar Veg Biryani Controversy: धर्म नगरी हरिद्वार में इन दिनों ‘वेज बिरयानी’ और ‘वेज पुलाव’ के नाम को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। अखंड परशुराम अखाड़ा के साधु-संतों ने दुकानों और ठेलों पर लगे ‘वेज बिरयानी’ के बोर्ड, पोस्टर और स्टीकर हटाने का एक बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। साधु-संतों का तर्क है कि ‘बिरयानी’ शब्द मुख्य रूप से हैदराबाद से आया है, जो एक मुस्लिम पहचान और मांसाहार से जुड़ा हुआ है।
चूंकि सावन का पवित्र महीना आने वाला है और देश-विदेश से सनातनी श्रद्धालु यहां गंगा स्नान के लिए आते हैं, इसलिए धर्म नगरी की सांस्कृतिक और धार्मिक पवित्रता को बनाए रखना जरूरी है। संतों ने दुकानदारों से सहयोग की अपील करते हुए ‘वेज बिरयानी’ की जगह ‘वेज पुलाव’ के नए स्टीकर चिपकाए हैं। सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसने अब एक नई राष्ट्रीय और सांस्कृतिक बहस को जन्म दे दिया है।
