अपना देश संभालो… गंज शहिदा मस्जिद विवाद पर भड़के अफजाल अंसारी, पाकिस्तान को दी कड़ी नसीहत; देखें VIDEO
Afzal Ansari Slams Pakistan: वाराणसी की गंज शाहिदा मस्जिद विवाद पर सपा सांसद अफजाल अंसारी ने पाकिस्तानी राष्ट्रपति को लताड़ लगाई है। उन्होंने पाकिस्तान को भारत के मामलों हस्तक्षेप न करने की नसीहत दी।
- Written By: अमन मौर्या
Ganj Shahida Mosque Controversy: वाराणसी में काशी रेलवे स्टेशन को आधुनिक मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए रेल प्रशासन ने करीब 1000 साल पुरानी गंज शाहिदा मस्जिद को खाली करने का नोटिस जारी किया है। इस प्रशासनिक कदम के बाद सियासत तेज हो गई है। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने इस मामले पर सोशल मीडिया एक्स पर टिप्पणी करते हुए इसे रोकने की अपील की और भारत में मुस्लिम धार्मिक स्थलों को कथित रूप से नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। पाकिस्तान के इस बयान पर समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने पाकिस्तानी राष्ट्रपति को अपने देश के अंदरूनी मामलों और वहां के मुसलमानों पर ध्यान देने की नसीहत दी है। अफजाल अंसारी ने साफ कहा कि भारत में एक मजबूत संविधान, न्यायपालिका और लोकतंत्र है। भारतीय मुसलमान अपने धार्मिक स्थलों और अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम हैं, इसलिए पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों में बेवजह दखल देने की कोई जरूरत नहीं है।
Ganj Shahida Mosque Controversy: वाराणसी में काशी रेलवे स्टेशन को आधुनिक मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए रेल प्रशासन ने करीब 1000 साल पुरानी गंज शाहिदा मस्जिद को खाली करने का नोटिस जारी किया है। इस प्रशासनिक कदम के बाद सियासत तेज हो गई है। पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने इस मामले पर सोशल मीडिया एक्स पर टिप्पणी करते हुए इसे रोकने की अपील की और भारत में मुस्लिम धार्मिक स्थलों को कथित रूप से नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। पाकिस्तान के इस बयान पर समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
उन्होंने पाकिस्तानी राष्ट्रपति को अपने देश के अंदरूनी मामलों और वहां के मुसलमानों पर ध्यान देने की नसीहत दी है। अफजाल अंसारी ने साफ कहा कि भारत में एक मजबूत संविधान, न्यायपालिका और लोकतंत्र है। भारतीय मुसलमान अपने धार्मिक स्थलों और अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम हैं, इसलिए पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों में बेवजह दखल देने की कोई जरूरत नहीं है।
