धौलपुर से आ रहा था मौत का सामान! UP में मिलावटी मावे की बड़ी खेप बरामद, शादियों के सीजन में FSDA का बड़ा एक्शन
Madhya Pradesh News: FSDA ने धौलपुर से आ रहे 1270 किलो मिलावटी मावे की बड़ी खेप पकड़ी है। शादियों के सीजन में सक्रिय मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए विभाग ने असुरक्षित मावा नष्ट किया।
- Written By: अक्षय साहू
FSDA Seized Fake 1270 KG Mawa: खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने राजस्थान और मध्य प्रदेश से मिलावटी मावा की आपूर्ति पकड़ी गई है। FSDA की टीम ने मंगलवार को शहीद नगर पुलिस चौकी के पास एटा नंबर की गाड़ी से 1270 किलोग्राम मावा जब्त किया। जांच में पाया गया कि मावा से दुर्गंध आ रही थी और यह खाने योग्य नहीं था। मावा धौलपुर से आ रहा था। दो नमूने जांच के लिए लिए गए और बाकी मावा नष्ट कर दिया गया। FSDA ने बताया कि शहर में हर दिन सात से नौ गाड़ियों में मिलावटी मावा पहुंच रहा है। शादियों के कारण मावा, दूध और घी की मांग बढ़ गई है, जिससे मिलावटखोर इसका लाभ उठा रहे हैं। पकड़े गए मावा की कीमत ₹210 प्रति किलोग्राम थी और कुल मूल्य 2.64 लाख रुपए था। जांच में गाड़ी चालक और कारोबारी से पूछताछ की जा रही है। सहायक खाद्य आयुक्त महेंद्र प्रताप ने बताया कि मावा को शहर के विभिन्न स्थानों पर बेचा जाना था। मावा की असली या नकली पहचान करने के लिए इसे हथेली में रगड़कर देखें; अगर चिकना हो जाए तो असली है, चिपचिपा या रबड़ जैसा हो तो मिलावटी है। आयोडीन से जांच करने पर नीला रंग स्टार्च मिलावट दर्शाता है।
FSDA Seized Fake 1270 KG Mawa: खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने राजस्थान और मध्य प्रदेश से मिलावटी मावा की आपूर्ति पकड़ी गई है। FSDA की टीम ने मंगलवार को शहीद नगर पुलिस चौकी के पास एटा नंबर की गाड़ी से 1270 किलोग्राम मावा जब्त किया। जांच में पाया गया कि मावा से दुर्गंध आ रही थी और यह खाने योग्य नहीं था। मावा धौलपुर से आ रहा था। दो नमूने जांच के लिए लिए गए और बाकी मावा नष्ट कर दिया गया। FSDA ने बताया कि शहर में हर दिन सात से नौ गाड़ियों में मिलावटी मावा पहुंच रहा है। शादियों के कारण मावा, दूध और घी की मांग बढ़ गई है, जिससे मिलावटखोर इसका लाभ उठा रहे हैं। पकड़े गए मावा की कीमत ₹210 प्रति किलोग्राम थी और कुल मूल्य 2.64 लाख रुपए था। जांच में गाड़ी चालक और कारोबारी से पूछताछ की जा रही है। सहायक खाद्य आयुक्त महेंद्र प्रताप ने बताया कि मावा को शहर के विभिन्न स्थानों पर बेचा जाना था। मावा की असली या नकली पहचान करने के लिए इसे हथेली में रगड़कर देखें; अगर चिकना हो जाए तो असली है, चिपचिपा या रबड़ जैसा हो तो मिलावटी है। आयोडीन से जांच करने पर नीला रंग स्टार्च मिलावट दर्शाता है।
