Modi-Trump Meeting: तमाम बड़े घटनाक्रम के बीच 16 महीने बाद एक बार फिर दुनिया की दो बड़ी लोकतांत्रिक ताकतों के नेता आमने-सामने होने जा रहे हैं। एक तरफ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तो दूसरी तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हैं। लेकिन सवाल ये है कि क्या ये मुलाकात सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात होगी... या फिर पिछले डेढ़ साल में दोनों देशों के रिश्तों में आई खटास को दूर करने की कोशिश? क्या भारत-अमेरिका संबंध फिर से पटरी पर लौटेंगे? क्या ट्रंप भारत पर लगाए गए टैरिफ को लेकर कोई बड़ा संकेत देंगे? क्या तीन भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा मोदी ट्रंप के सामने उठाएंगे? और क्या पाकिस्तान को लेकर भारत की नाराजगी भी इस बैठक में दिखाई देगी?
ये सवाल इस लिए भी क्यों की फ्रांस में हो रहे G-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात होने जा रही है। फरवरी 2025 के बाद यह दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने की बैठक होगी। यानी पूरे 16 महीने बाद दोनों नेता एक साथ बैठकर बातचीत करेंगे। लेकिन इन 16 महीनों में बहुत कुछ बदल चुका है। जब फरवरी 2025 में मोदी और ट्रंप की मुलाकात हुई थी, तब माहौल काफी सकारात्मक था। दोनों देशों ने रक्षा, व्यापार, तकनीक और ऊर्जा क्षेत्र में बड़े सहयोग का ऐलान किया था। उस समय अमेरिका-भारत कॉम्पैक्ट पहल शुरू की गई थी। इसका मकसद था रक्षा साझेदारी बढ़ाना,सहयोग मजबूत करना और AI जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करना। लेकिन हाल फिलहाल में जो कुछ हुआ इसके बाद हालात बदलने लगे।