Punjab95 से Satluj तक! आखिर क्यों “BAN” हुई Diljit की फिल्म, क्या है खतरा? Explained Video
Dosanjh New Movie: दिलजीत के सपोर्ट में फिल्मी सितारे उथरे तो दूसरी तरफ दिलजीत ने बड़ा ऐलान कर दिया है ऐसे में आखिर पूरा मामला क्या है?
- Written By: तनमय बरनवाल
Satluj Ban Explained: चर्चित सिंगर-अभिनेता दिलजीत दोसांझ एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं उनकी फिल्म ‘सतलुज’ को बीते दिन ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 से हटा दिया गया है। जिसको लेकर अब नया बखड़ेगा देखा जा रहा है दिलजीत के सपोर्ट में फिल्मी सितारे उथरे तो दूसरी तरफ दिलजीत ने बड़ा ऐलान कर दिया है ऐसे में आखिर पूरा मामला क्या है? फिल्म में आखिर ऐसा क्या दिखाया गया कि सरकार ने रोक लगा दी? क्या एक फिल्म सच दिखाने की कोशिश कर रही थी? क्या पंजाब के उस दौर की कहानी ने फिर पुराने जख्म हरे कर दिए.चार साल तक सेंसर बोर्ड और सरकारी प्रक्रियाओं में फंसी रहने के बाद फिल्म को आखिरकार OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज किया गया।
लेकिन रिलीज के कुछ ही समय बाद इसे भारत में प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। दरअसल, इस फिल्म का मूल नाम ‘Punjab 95’ था। बाद में इसका नाम बदलकर ‘सतलुज’ कर दिया गया। जसवंत सिंह खालड़ा वही व्यक्ति थे जिन्होंने 1980 और 1990 के दशक में पंजाब में कथित तौर पर हुए हजारों लापता लोगों और कथित फर्जी एनकाउंटरों का मुद्दा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया था। खालड़ा ने दावा किया था कि पंजाब के कई श्मशान घाटों में बड़ी संख्या में ऐसे शवों का अंतिम संस्कार किया गया जिन्हें “लावारिस” बताया गया, लेकिन वास्तव में वे सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई के शिकार लोग थे। उनके आरोपों ने उस दौर की राजनीति, सुरक्षा व्यवस्था और मानवाधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।
Satluj Ban Explained: चर्चित सिंगर-अभिनेता दिलजीत दोसांझ एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं उनकी फिल्म ‘सतलुज’ को बीते दिन ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 से हटा दिया गया है। जिसको लेकर अब नया बखड़ेगा देखा जा रहा है दिलजीत के सपोर्ट में फिल्मी सितारे उथरे तो दूसरी तरफ दिलजीत ने बड़ा ऐलान कर दिया है ऐसे में आखिर पूरा मामला क्या है? फिल्म में आखिर ऐसा क्या दिखाया गया कि सरकार ने रोक लगा दी? क्या एक फिल्म सच दिखाने की कोशिश कर रही थी? क्या पंजाब के उस दौर की कहानी ने फिर पुराने जख्म हरे कर दिए.चार साल तक सेंसर बोर्ड और सरकारी प्रक्रियाओं में फंसी रहने के बाद फिल्म को आखिरकार OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज किया गया।
लेकिन रिलीज के कुछ ही समय बाद इसे भारत में प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। दरअसल, इस फिल्म का मूल नाम ‘Punjab 95’ था। बाद में इसका नाम बदलकर ‘सतलुज’ कर दिया गया। जसवंत सिंह खालड़ा वही व्यक्ति थे जिन्होंने 1980 और 1990 के दशक में पंजाब में कथित तौर पर हुए हजारों लापता लोगों और कथित फर्जी एनकाउंटरों का मुद्दा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाया था। खालड़ा ने दावा किया था कि पंजाब के कई श्मशान घाटों में बड़ी संख्या में ऐसे शवों का अंतिम संस्कार किया गया जिन्हें “लावारिस” बताया गया, लेकिन वास्तव में वे सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई के शिकार लोग थे। उनके आरोपों ने उस दौर की राजनीति, सुरक्षा व्यवस्था और मानवाधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।
