इटावा कथावाचक कांड: अखिलेश पर भड़के देवकीनंदन, कहा- अंग्रेजों जैसा काम कर रहे
इटावा में कथावाचक की चोटी काटने के मामले पर देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए था। उन्होंने जाति आधारित राजनीति की निंदा की और सनातन धर्म की रक्षा तथा स्थापना की आवश्यकता पर बल दिया।
- Written By: अक्षय साहू
इटावा में कथावाचक की जाति के आधार पर पिटाई और चोटी काटने वाला विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस पर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमला बोला था। इसी बीच प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि किसी भी सनातनी की चोटी काटना गलत है। उन्होंने कहा ऐसा नहीं होना चाहिए था। वहीं उन्होंने अखिलेश यादव के बयान को लेकर कहा कि मैं देख रहा हूं कि कुछ बड़े नेता केवल जाति का नाम सुनकर इस मामले में कूद पड़े। वो लोग जाति के विरोध में बयान दे रहे हैं। वो वही काम कर रहे हैं जो अंग्रेजों ने किया। उन्होंने कहा, सनातन में, पुराणों में जितने भी अवतार हुए, वो धर्म की स्थापना के लिए हुए थे। धर्म की स्थापना करना ही हम सबका दायित्व है। हम इस देश में धर्म की स्थापना करें, न कि धर्म का खंडन करें।
इटावा में कथावाचक की जाति के आधार पर पिटाई और चोटी काटने वाला विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस पर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमला बोला था। इसी बीच प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि किसी भी सनातनी की चोटी काटना गलत है। उन्होंने कहा ऐसा नहीं होना चाहिए था। वहीं उन्होंने अखिलेश यादव के बयान को लेकर कहा कि मैं देख रहा हूं कि कुछ बड़े नेता केवल जाति का नाम सुनकर इस मामले में कूद पड़े। वो लोग जाति के विरोध में बयान दे रहे हैं। वो वही काम कर रहे हैं जो अंग्रेजों ने किया। उन्होंने कहा, सनातन में, पुराणों में जितने भी अवतार हुए, वो धर्म की स्थापना के लिए हुए थे। धर्म की स्थापना करना ही हम सबका दायित्व है। हम इस देश में धर्म की स्थापना करें, न कि धर्म का खंडन करें।
