इटावा अस्पताल में हाई वोल्टेज ड्रामा, डॉक्टर के तंबाकू की ‘पीक’ पर फूटा मरीज का गुस्सा, चैंबर बना जंग का मैदान
UP News: यूपी के सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और डॉक्टरों के व्यवहार पर अक्सर सवाल उठते रहे हैं, लेकिन इटावा जिला अस्पताल से सामने आई घटना ने संवेदनशीलता की सभी हदें पार कर दीं। देखें वीडियो-
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
Etawah Hospital Viral Video: कल्पना कीजिए, एक मरीज जो पहले से ही बंदर के हमले से डरा हुआ है, वह मदद की उम्मीद में अस्पताल पहुंचता है, लेकिन वहां उसे इलाज के बजाय अपमान और गंदगी का सामना करना पड़ता है। यह मामला केवल एक विवाद नहीं है, बल्कि उस भरोसे पर भी चोट है जो एक आम आदमी सफेद कोट पहने डॉक्टर पर करता है।
इस पूरी घटना की शुरुआत रविवार की दोपहर को हुई, जब राजस्थान के सीकर जिले के रहने वाले अशोक मीणा एक हादसे का शिकार हो गए। अशोक किसी निजी काम से लखनऊ गए थे और वहां से लौटते समय वे इटावा रेलवे जंक्शन पर दूसरी ट्रेन पकड़ने के लिए उतरे थे। स्टेशन के बाहर सामान खरीदने के दौरान अचानक एक बंदर ने उनके बाएं हाथ पर काट लिया। बंदर का काटना किसी भी इंसान के लिए जानलेवा साबित हो सकता है, इसलिए अशोक बिना समय गंवाए दोपहर करीब 3:00 बजे इटावा जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे ताकि उन्हें एंटी-रेबीज का इंजेक्शन लग सके। लेकिन उन्हें क्या पता था कि अस्पताल के अंदर बंदर के घाव से भी ज्यादा गहरा ‘मानसिक जख्म’ उनका इंतजार कर रहा है।
डॉक्टर की मेज पर इलाज या तंबाकू की महफिल?
अशोक मीणा का आरोप है कि जब वे इलाज के लिए इमरजेंसी वार्ड के अंदर गए, तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर राहुल बाबू कथित तौर पर तंबाकू और गुटखा खाकर बार-बार थूक रहे थे। मरीज का दावा है कि डॉक्टर इस कदर लापरवाह थे कि उन्होंने बात करते समय उनके मुंह के सामने ही पुड़िया थूक दी, जिससे अशोक को बेहद असहज और अपमानित महसूस हुआ।
Etawah Hospital Viral Video: कल्पना कीजिए, एक मरीज जो पहले से ही बंदर के हमले से डरा हुआ है, वह मदद की उम्मीद में अस्पताल पहुंचता है, लेकिन वहां उसे इलाज के बजाय अपमान और गंदगी का सामना करना पड़ता है। यह मामला केवल एक विवाद नहीं है, बल्कि उस भरोसे पर भी चोट है जो एक आम आदमी सफेद कोट पहने डॉक्टर पर करता है।
इस पूरी घटना की शुरुआत रविवार की दोपहर को हुई, जब राजस्थान के सीकर जिले के रहने वाले अशोक मीणा एक हादसे का शिकार हो गए। अशोक किसी निजी काम से लखनऊ गए थे और वहां से लौटते समय वे इटावा रेलवे जंक्शन पर दूसरी ट्रेन पकड़ने के लिए उतरे थे। स्टेशन के बाहर सामान खरीदने के दौरान अचानक एक बंदर ने उनके बाएं हाथ पर काट लिया। बंदर का काटना किसी भी इंसान के लिए जानलेवा साबित हो सकता है, इसलिए अशोक बिना समय गंवाए दोपहर करीब 3:00 बजे इटावा जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे ताकि उन्हें एंटी-रेबीज का इंजेक्शन लग सके। लेकिन उन्हें क्या पता था कि अस्पताल के अंदर बंदर के घाव से भी ज्यादा गहरा ‘मानसिक जख्म’ उनका इंतजार कर रहा है।
डॉक्टर की मेज पर इलाज या तंबाकू की महफिल?
अशोक मीणा का आरोप है कि जब वे इलाज के लिए इमरजेंसी वार्ड के अंदर गए, तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर राहुल बाबू कथित तौर पर तंबाकू और गुटखा खाकर बार-बार थूक रहे थे। मरीज का दावा है कि डॉक्टर इस कदर लापरवाह थे कि उन्होंने बात करते समय उनके मुंह के सामने ही पुड़िया थूक दी, जिससे अशोक को बेहद असहज और अपमानित महसूस हुआ।
