ESMA Imposed in India 2026: ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक तेल और गैस बाजार में अनिश्चितता पैदा हो गई है। भारत में एलपीजी की जमाखोरी और पैनिक बाइंग को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने देश भर में एस्मा (ESMA – आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम) लागू कर दिया है। इस कानून के तहत पेट्रोलियम, गैस, बिजली और स्वास्थ्य जैसी अनिवार्य सेवाओं से जुड़े कर्मचारी हड़ताल पर नहीं जा सकते, जिससे इन सेवाओं की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। सरकार ने एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के अंतराल को भी 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भारत के पास 74 दिनों का पर्याप्त तेल भंडार मौजूद है, इसलिए जनता को घबराने की जरूरत नहीं है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल पार करने के बावजूद फिलहाल पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी की कोई योजना नहीं है। एस्मा अधिकतम 6 महीने के लिए प्रभावी रह सकता है।
ESMA Imposed in India 2026: ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक तेल और गैस बाजार में अनिश्चितता पैदा हो गई है। भारत में एलपीजी की जमाखोरी और पैनिक बाइंग को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने देश भर में एस्मा (ESMA – आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम) लागू कर दिया है। इस कानून के तहत पेट्रोलियम, गैस, बिजली और स्वास्थ्य जैसी अनिवार्य सेवाओं से जुड़े कर्मचारी हड़ताल पर नहीं जा सकते, जिससे इन सेवाओं की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। सरकार ने एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के अंतराल को भी 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भारत के पास 74 दिनों का पर्याप्त तेल भंडार मौजूद है, इसलिए जनता को घबराने की जरूरत नहीं है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल पार करने के बावजूद फिलहाल पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी की कोई योजना नहीं है। एस्मा अधिकतम 6 महीने के लिए प्रभावी रह सकता है।