Dwarka Hit and Run Case Delhi: दिल्ली के द्वारका हिट-एंड-रन मामले में एक मां का दर्द और सिस्टम के प्रति आक्रोश खुलकर सामने आया है। अपने जवान बेटे को खोने वाली मां ने आरोपी नाबालिग की अंतरिम जमानत और ‘जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड’ की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने रोते हुए कहा कि जिस तरह से आरोपी के स्कूल रिकॉर्ड और खेलकूद जैसी महज चार कागजों की बातों के आधार पर उसका ‘कंडक्ट’ तय किया जा रहा है, वह न्याय के साथ मजाक है। मां का आरोप है कि घटना के समय आरोपी की बालिग बहन भी साथ थी और माता-पिता का यह कहना कि उन्हें बेटे की ड्राइविंग के बारे में पता नहीं था, सरासर झूठ है। उन्होंने सवाल किया कि क्या सिस्टम और न्यायपालिका अपनी बेइज्जती होते देख परेशान नहीं होते? उन्होंने सोशल मीडिया पर हो रही नकारात्मक कमेंटबाजी की आलोचना करते हुए कहा कि फुटेज में साफ दिख रहा है कि गलती किसकी थी। पीड़ित मां ने चेतावनी दी कि अगर कागजों के आधार पर अपराधी को रियायत दी गई, तो वह न्याय के लिए किसी भी हद तक जाएंगी, क्योंकि यह सिर्फ उनके बेटे का नहीं बल्कि देश के अन्य बच्चों की सुरक्षा का भी सवाल है।
Dwarka Hit and Run Case Delhi: दिल्ली के द्वारका हिट-एंड-रन मामले में एक मां का दर्द और सिस्टम के प्रति आक्रोश खुलकर सामने आया है। अपने जवान बेटे को खोने वाली मां ने आरोपी नाबालिग की अंतरिम जमानत और ‘जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड’ की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने रोते हुए कहा कि जिस तरह से आरोपी के स्कूल रिकॉर्ड और खेलकूद जैसी महज चार कागजों की बातों के आधार पर उसका ‘कंडक्ट’ तय किया जा रहा है, वह न्याय के साथ मजाक है। मां का आरोप है कि घटना के समय आरोपी की बालिग बहन भी साथ थी और माता-पिता का यह कहना कि उन्हें बेटे की ड्राइविंग के बारे में पता नहीं था, सरासर झूठ है। उन्होंने सवाल किया कि क्या सिस्टम और न्यायपालिका अपनी बेइज्जती होते देख परेशान नहीं होते? उन्होंने सोशल मीडिया पर हो रही नकारात्मक कमेंटबाजी की आलोचना करते हुए कहा कि फुटेज में साफ दिख रहा है कि गलती किसकी थी। पीड़ित मां ने चेतावनी दी कि अगर कागजों के आधार पर अपराधी को रियायत दी गई, तो वह न्याय के लिए किसी भी हद तक जाएंगी, क्योंकि यह सिर्फ उनके बेटे का नहीं बल्कि देश के अन्य बच्चों की सुरक्षा का भी सवाल है।