संसद में महिला बिल की बातें और DU में कपड़ों के नाम पर छात्रा का अपमान! क्या यही है महिला सशक्तिकरण?
Mansukh Mandaviya DU Event: दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा सारा शर्मा को 'नारी शक्ति' कार्यक्रम में स्लीवलेस सूट पहनने पर मंच पर जाने से रोका गया।
- Written By: सजल रघुवंशी
Sara Sharma Sleeveless Suit Issue Delhi University: दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ कार्यक्रम के दौरान एक शर्मनाक विवाद सामने आया। दौलतराम कॉलेज की छात्रा सारा शर्मा, जो एक ‘मॉक यूथ पार्लियामेंट’ में प्रतिभागी थीं, ने आरोप लगाया कि उन्हें केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया को सम्मानित करने से सिर्फ इसलिए रोक दिया गया क्योंकि उन्होंने स्लीवलेस सूट पहना था। मंत्रालय के अधिकारियों ने उनके पहनावे को ‘अनुचित’ बताते हुए उन्हें अपमानित किया और उनकी जगह किसी दूसरी छात्रा को भेज दिया। सारा ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द साझा करते हुए सवाल उठाया कि जो कार्यक्रम महिलाओं के सशक्तिकरण और उनकी पसंद की आजादी के लिए आयोजित किया गया था, उसी में एक महिला के कपड़ों के आधार पर उसकी योग्यता का फैसला कैसे किया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि वहां मौजूद अधिकारियों ने महिलाओं के फोटो खिंचवाने की आदत पर भी टिप्पणियां कीं। यह घटना प्रशासनिक मानसिकता के दोहरेपन और महिला सुरक्षा व सम्मान के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
Sara Sharma Sleeveless Suit Issue Delhi University: दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ कार्यक्रम के दौरान एक शर्मनाक विवाद सामने आया। दौलतराम कॉलेज की छात्रा सारा शर्मा, जो एक ‘मॉक यूथ पार्लियामेंट’ में प्रतिभागी थीं, ने आरोप लगाया कि उन्हें केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया को सम्मानित करने से सिर्फ इसलिए रोक दिया गया क्योंकि उन्होंने स्लीवलेस सूट पहना था। मंत्रालय के अधिकारियों ने उनके पहनावे को ‘अनुचित’ बताते हुए उन्हें अपमानित किया और उनकी जगह किसी दूसरी छात्रा को भेज दिया। सारा ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द साझा करते हुए सवाल उठाया कि जो कार्यक्रम महिलाओं के सशक्तिकरण और उनकी पसंद की आजादी के लिए आयोजित किया गया था, उसी में एक महिला के कपड़ों के आधार पर उसकी योग्यता का फैसला कैसे किया जा सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि वहां मौजूद अधिकारियों ने महिलाओं के फोटो खिंचवाने की आदत पर भी टिप्पणियां कीं। यह घटना प्रशासनिक मानसिकता के दोहरेपन और महिला सुरक्षा व सम्मान के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
