लोकसभा में डॉ. श्रीकांत शिंदे का बड़ा बयान, नीट परीक्षा प्रणाली में बताए बड़े सुधार-VIDEO
NEET Exam Reforms Lok Sabha: लोकसभा में डॉ. श्रीकांत शिंदे ने नीट पेपर लीक संशोधन विधेयक का समर्थन करते हुए परीक्षा सुधार, AI प्रश्न बैंक और कोचिंग फीस पर बड़े सुझाव दिए।
- Written By: वंदना शर्मा
Dr Shrikant Shinde NEET Paper Leak Bill: लोकसभा में नीट पेपर लीक संबंधी संशोधन विधेयक पर चर्चा के बीच में सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने सरकार के प्रयासों और विपक्ष की भूमिका पर अपने विचारों को सामने रखते हुए कहा कि उन सभी छात्रों और उनके परिवारों के प्रति सहानुभूति व्यक्त करता हूं, और जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भारी संघर्ष करते है।
उन सभी बच्चों की मेहनत को अच्छे से समझ सकता हूं। उन्होंने यह भी दावा किया कि जब नीट पेपर लीक के बाद सरकार ने तत्परता दिखाई और कम समय में ही दोबारा परीक्षा आयोजित कर परिणाम घोषित किए, ताकि छात्रों का एक साल बर्बाद न हो। उनको सांसद ने सुझाव दिया कि परीक्षा प्रणाली में बड़े रिफॉर्म की जरूरत है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सभी छात्रों को साल में एक से अधिक बार परीक्षा देने के अवसर मिलने चाहिए और एआई का उपयोग करके प्रश्न बैंक बनाने जैसे कदम जरूर उठाए जाने चाहिए।
उन्होंने कोचिंग सेंटर्स के बढ़ते बड़े साम्राज्य और छात्रों से ली जाने वाली भारी फीस पर चिंता को जताते और सरकार से इसे विनियमित करने का आग्रह करते है। इस चर्चा के बीच उन्होंने विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाए और आपातकाल (1975) के संदर्भ में जानकारी देते हुए उन पर तंज कसते हुए कह कि मौजूदा सरकार लोकतांत्रिक तरीके से छात्रों की समस्याओं को सुन कर समाधान भी कर रही है। इतना ही नही बल्कि डॉ. शिंदे ने अपने भाषण के अंत में इस विधेयक का पूरा समर्थन करते हुए इसे शिक्षा प्रणाली में जवाबदेही लाने वाला एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
Dr Shrikant Shinde NEET Paper Leak Bill: लोकसभा में नीट पेपर लीक संबंधी संशोधन विधेयक पर चर्चा के बीच में सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे ने सरकार के प्रयासों और विपक्ष की भूमिका पर अपने विचारों को सामने रखते हुए कहा कि उन सभी छात्रों और उनके परिवारों के प्रति सहानुभूति व्यक्त करता हूं, और जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भारी संघर्ष करते है।
उन सभी बच्चों की मेहनत को अच्छे से समझ सकता हूं। उन्होंने यह भी दावा किया कि जब नीट पेपर लीक के बाद सरकार ने तत्परता दिखाई और कम समय में ही दोबारा परीक्षा आयोजित कर परिणाम घोषित किए, ताकि छात्रों का एक साल बर्बाद न हो। उनको सांसद ने सुझाव दिया कि परीक्षा प्रणाली में बड़े रिफॉर्म की जरूरत है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सभी छात्रों को साल में एक से अधिक बार परीक्षा देने के अवसर मिलने चाहिए और एआई का उपयोग करके प्रश्न बैंक बनाने जैसे कदम जरूर उठाए जाने चाहिए।
उन्होंने कोचिंग सेंटर्स के बढ़ते बड़े साम्राज्य और छात्रों से ली जाने वाली भारी फीस पर चिंता को जताते और सरकार से इसे विनियमित करने का आग्रह करते है। इस चर्चा के बीच उन्होंने विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाए और आपातकाल (1975) के संदर्भ में जानकारी देते हुए उन पर तंज कसते हुए कह कि मौजूदा सरकार लोकतांत्रिक तरीके से छात्रों की समस्याओं को सुन कर समाधान भी कर रही है। इतना ही नही बल्कि डॉ. शिंदे ने अपने भाषण के अंत में इस विधेयक का पूरा समर्थन करते हुए इसे शिक्षा प्रणाली में जवाबदेही लाने वाला एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
