’25 लाख शिक्षकों का भविष्य खतरे में’, संसद में गरजे धर्मेंद्र यादव, सरकार से की अध्यादेश की मांग
सपा MP Dharmendra Yadav ने शिक्षक भर्ती और उनकी सुरक्षा के मुद्दे पर केंद्र सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारों की कोर्ट में कमजोर पैरोकारी से 25 लाख शिक्षकों का भविष्य अंधकार मे है।
- Written By: सौरभ शर्मा
Parliament Session: समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने संसद में शिक्षक भर्ती और उनकी सुरक्षा के मुद्दे पर केंद्र सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकारों की कोर्ट में “कमजोर पैरोकारी” के कारण 1 सितंबर 2025 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद देश भर के 25 लाख और उत्तर प्रदेश के 2 लाख शिक्षकों का भविष्य अंधकार में है। धर्मेंद्र यादव ने कहा कि अनिवार्य शिक्षा अधिनियम 2009 के तहत टीईटी (TET) अनिवार्य किया गया था, लेकिन पुराने शिक्षकों के लिए सेवा सुरक्षा के प्रावधान थे। अब सरकार की लापरवाही से इन शिक्षकों में डर का माहौल है। उन्होंने सदन में पुरजोर मांग की कि सरकार तुरंत अध्यादेश या संविधान संशोधन लाकर इन शिक्षकों की नौकरी सुरक्षित करे। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करे।
Parliament Session: समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने संसद में शिक्षक भर्ती और उनकी सुरक्षा के मुद्दे पर केंद्र सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकारों की कोर्ट में “कमजोर पैरोकारी” के कारण 1 सितंबर 2025 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद देश भर के 25 लाख और उत्तर प्रदेश के 2 लाख शिक्षकों का भविष्य अंधकार में है। धर्मेंद्र यादव ने कहा कि अनिवार्य शिक्षा अधिनियम 2009 के तहत टीईटी (TET) अनिवार्य किया गया था, लेकिन पुराने शिक्षकों के लिए सेवा सुरक्षा के प्रावधान थे। अब सरकार की लापरवाही से इन शिक्षकों में डर का माहौल है। उन्होंने सदन में पुरजोर मांग की कि सरकार तुरंत अध्यादेश या संविधान संशोधन लाकर इन शिक्षकों की नौकरी सुरक्षित करे। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद करे।
