‘सत्ता में कोई भी आए, दमन हमेशा जैन समाज का होता है’, मुंबई में पार्श्वनाथ दिगंबर मंदिर ढहाने मचा बवाल
मुंबई के विले पार्ले पूर्व स्थित कांबलीवाडी में बीएमसी ने 35 वर्ष पुराने पार्श्वनाथ दिगंबर मंदिर को तोड़ा पर जैन समाज ने भड़का हुआ है। समाज के लोगों ने मुंबई में बीएमसी के खिलाफ प्रदर्शन किया।
- Written By: आकाश मसने
मुंबई के विले पार्ले पूर्व स्थित कांबलीवाडी में बीएमसी ने 35 वर्ष पुराने पार्श्वनाथ दिगंबर मंदिर को तोड़ा। इसके बाद से जैन समुदाय खासा नाराज है। जैन समाज ने अहिंसक रैली निकाल कर विरोध किया। रैली में में बड़ी संख्या में जैन समुदाय ने हाथों में तख्तियां व बैनर लेकर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। हजारों की तादाद में महिलाएं-पुरुष सड़कों पर नारे लगाते हुए नजर आए। सभी ने काली पट्टी बांधकर बीएमसी प्रशासन और सरकार का विरोध किया। जैन समाज ने मंदिर वहीं बनाएंगे के नारे लगाते हुए बीएमसी को चेतावनी है। प्रदर्शनकारियों ने अल्पसंख्यक मंत्रालय पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक में केवल एक ही समुदाय को देखा जाता है। उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा कि सिंधी, पारसी, जैन वोट बैंक कम है, क्या इसलिए इन समुदायों को कुचला जाएगा? एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि सत्ता में कोई भी आए हमेशा दमन जैन समुदाय को ही हाेता है।
मुंबई के विले पार्ले पूर्व स्थित कांबलीवाडी में बीएमसी ने 35 वर्ष पुराने पार्श्वनाथ दिगंबर मंदिर को तोड़ा। इसके बाद से जैन समुदाय खासा नाराज है। जैन समाज ने अहिंसक रैली निकाल कर विरोध किया। रैली में में बड़ी संख्या में जैन समुदाय ने हाथों में तख्तियां व बैनर लेकर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। हजारों की तादाद में महिलाएं-पुरुष सड़कों पर नारे लगाते हुए नजर आए। सभी ने काली पट्टी बांधकर बीएमसी प्रशासन और सरकार का विरोध किया। जैन समाज ने मंदिर वहीं बनाएंगे के नारे लगाते हुए बीएमसी को चेतावनी है। प्रदर्शनकारियों ने अल्पसंख्यक मंत्रालय पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक में केवल एक ही समुदाय को देखा जाता है। उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा कि सिंधी, पारसी, जैन वोट बैंक कम है, क्या इसलिए इन समुदायों को कुचला जाएगा? एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि सत्ता में कोई भी आए हमेशा दमन जैन समुदाय को ही हाेता है।
