क्या ट्रेड डील से बर्बाद हो जाएंगे भारतीय किसान? महापंचायत में उठे बड़े सवाल-VIDEO
Shambhu Border Farmers Protest: दिल्ली किसान महापंचायत, शंभू बॉर्डर पर बढ़ते तनाव और ट्रेड डील के विरोध पर किसानों का बड़ा आंदोलन। जानिए सरकार और किसानों के दावों की पूरी सच्चाई।
- Written By: वंदना शर्मा
Delhi Kisan Mahapanchayat: दिल्ली में होने वाली किसान महापंचायत और शंभू बॉर्डर पर चल रहे तनाव को कवर करता है। किसान इस प्रस्तावित ट्रेड डील को अपने और देश की कृषि व्यवस्था के लिए बेहद खतरनाक मान रहे हैं। उनका तर्क है कि इससे बाहरी बीज और सस्ते आयातित उत्पाद भारतीय बाजार में आएंगे, जिससे स्थानीय किसान और छोटे व्यापारी बर्बाद हो जाएंगे।
बताया जा रहा है कि सरकार का दावा है कि इस ट्रेड डील में किसानों के हितों का ध्यान रखा गया है और डेरी तथा अनाज जैसे क्षेत्रों को किसी भी प्रतिकूल कर से सुरक्षित रखा गया है। शंभू और सिंघु बॉर्डर पर किसानों के दिल्ली कूच को रोकने के लिए प्रशासन ने भारी सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेड्स लगाए हैं। किसानों का आरोप है कि दिल्ली में कई राज्यों के किसानों को गिरफ्तार किया जा रहा है।
किसान नेताओं का कहना है कि वे सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन वे टकराव नहीं चाहते। उनकी मुख्य मांग गिरफ्तार किए गए किसानों की रिहाई और ट्रेड डील पर सरकार द्वारा स्पष्टीकरण देने की है। किसान लगातार सरकार से इस ट्रेड डील को संसद में पेश करने और इसे लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग कर रहे हैं ताकि उनकी भविष्य की आजीविका सुरक्षित रहे। इस वीडियो को पूरा देखों…
Delhi Kisan Mahapanchayat: दिल्ली में होने वाली किसान महापंचायत और शंभू बॉर्डर पर चल रहे तनाव को कवर करता है। किसान इस प्रस्तावित ट्रेड डील को अपने और देश की कृषि व्यवस्था के लिए बेहद खतरनाक मान रहे हैं। उनका तर्क है कि इससे बाहरी बीज और सस्ते आयातित उत्पाद भारतीय बाजार में आएंगे, जिससे स्थानीय किसान और छोटे व्यापारी बर्बाद हो जाएंगे।
बताया जा रहा है कि सरकार का दावा है कि इस ट्रेड डील में किसानों के हितों का ध्यान रखा गया है और डेरी तथा अनाज जैसे क्षेत्रों को किसी भी प्रतिकूल कर से सुरक्षित रखा गया है। शंभू और सिंघु बॉर्डर पर किसानों के दिल्ली कूच को रोकने के लिए प्रशासन ने भारी सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेड्स लगाए हैं। किसानों का आरोप है कि दिल्ली में कई राज्यों के किसानों को गिरफ्तार किया जा रहा है।
किसान नेताओं का कहना है कि वे सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन वे टकराव नहीं चाहते। उनकी मुख्य मांग गिरफ्तार किए गए किसानों की रिहाई और ट्रेड डील पर सरकार द्वारा स्पष्टीकरण देने की है। किसान लगातार सरकार से इस ट्रेड डील को संसद में पेश करने और इसे लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग कर रहे हैं ताकि उनकी भविष्य की आजीविका सुरक्षित रहे। इस वीडियो को पूरा देखों…
