बिहार चुनाव में CM योगी के असर पर बहस: हिंदू एकजुटता का दावा, विपक्ष का ‘उत्तर प्रदेश संभालो’ तंज
बिहार विधानसभा चुनाव (6 और 11 नवंबर को मतदान) का बिगुल बज चुका है, और कयास हैं कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रैलियों की कमान संभालेंगे।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ को भाजपा का ‘फायर ब्रांड नेता’ माना जाता है, और पार्टी को उम्मीद है कि उनकी रैलियों से बीजेपी के पक्ष में माहौल बनेगा और हिंदू समाज एकजुट होगा। हालांकि राजनीतिक आलोचक उनके प्रभाव को लेकर संशय में हैं। आलोचकों का मानना है कि बिहार ‘परिवर्तन की क्रांति’ की धरती है, जहां ‘हिंदू-मुसलमान’ की राजनीति सफल नहीं होगी। उन्हें सुझाव दिया गया है कि वह उत्तर प्रदेश पर ध्यान दें, अन्यथा हार का ठीकरा उनके सिर फूटेगा। यह भी तर्क दिया गया कि हालिया लोकसभा चुनाव में ‘400 पार’ का दावा सफल नहीं हुआ था। बिहार का 20% मुस्लिम समाज भी जाग चुका है और खुद को कम महत्व दिए जाने से असंतुष्ट है।
यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ को भाजपा का ‘फायर ब्रांड नेता’ माना जाता है, और पार्टी को उम्मीद है कि उनकी रैलियों से बीजेपी के पक्ष में माहौल बनेगा और हिंदू समाज एकजुट होगा। हालांकि राजनीतिक आलोचक उनके प्रभाव को लेकर संशय में हैं। आलोचकों का मानना है कि बिहार ‘परिवर्तन की क्रांति’ की धरती है, जहां ‘हिंदू-मुसलमान’ की राजनीति सफल नहीं होगी। उन्हें सुझाव दिया गया है कि वह उत्तर प्रदेश पर ध्यान दें, अन्यथा हार का ठीकरा उनके सिर फूटेगा। यह भी तर्क दिया गया कि हालिया लोकसभा चुनाव में ‘400 पार’ का दावा सफल नहीं हुआ था। बिहार का 20% मुस्लिम समाज भी जाग चुका है और खुद को कम महत्व दिए जाने से असंतुष्ट है।
