नागपुर हिंसा में घायल DCP निकेतन कदम का बयान- प्लान करके सैकड़ों लोगों ने बोला था एक साथ धावा
नागपुर में 17 मार्च की रात हुई हिंसा में डीसीपी निकेतन कदम कुल्हाड़ी से हुए हमले के शिकार हो गए थे। मीडिया से बात करते हुए बताया कि उस दौरान क्या स्थिति थी और कैसे अपने सिपाहियों को बचाने के लिए भीड़ से लोहा लिया था।
- Written By: विजय कुमार तिवारी
नागपुर में औरंगजेब मामले को लेकर पहले हिंसा में घायल पुलिस के डीसीपी निकेतन कदम ने हादसे की जानकारी देते हुए कहा कि जब पत्थरबाजी करने वाले लोगों की तलाश में एक घर में घुसकर सर्च अभियान चला रहे थे। तभी दूसरी दिशा से सैकड़ो लोगों की भीड़ अचानक उनकी तरफ आने लगी वे अपने सिपाहियों तथा सुरक्षा बल के अन्य जवानों को बचाने के चक्कर में उसे भीड़ से की ओर बढ़े और उन्हें रोकने की कोशिश की। इसी प्रकार हथियारबंद लोगों ने उनके ऊपर हमला किया और एक व्यक्ति ने कुल्हाड़ी चला दी, जिसे रोकने के चक्कर में उनका हाथ गंभीर रूप से जख्मी हो गया। हालांकि उन्होंने इस बात की खुशी जाहिर की कि उनके घायल होने का बाद उनके पुलिस बल के किसी जवानों के ऊपर कोई खरोंच नहीं आई। हालांकि उन्होंने घटना के बारे में जो जानकारी दी उनसे यह साफ लग रहा है कि यह दंगा एक सुनियोजित प्लान के तहत किया गया और इसके लिए लाठी, डंडे, असलहे, कुल्हाड़ी, धारदार हथियार तथा पेट्रोल जैसी चीजों की व्यवस्था भी की गई थी।
नागपुर में औरंगजेब मामले को लेकर पहले हिंसा में घायल पुलिस के डीसीपी निकेतन कदम ने हादसे की जानकारी देते हुए कहा कि जब पत्थरबाजी करने वाले लोगों की तलाश में एक घर में घुसकर सर्च अभियान चला रहे थे। तभी दूसरी दिशा से सैकड़ो लोगों की भीड़ अचानक उनकी तरफ आने लगी वे अपने सिपाहियों तथा सुरक्षा बल के अन्य जवानों को बचाने के चक्कर में उसे भीड़ से की ओर बढ़े और उन्हें रोकने की कोशिश की। इसी प्रकार हथियारबंद लोगों ने उनके ऊपर हमला किया और एक व्यक्ति ने कुल्हाड़ी चला दी, जिसे रोकने के चक्कर में उनका हाथ गंभीर रूप से जख्मी हो गया। हालांकि उन्होंने इस बात की खुशी जाहिर की कि उनके घायल होने का बाद उनके पुलिस बल के किसी जवानों के ऊपर कोई खरोंच नहीं आई। हालांकि उन्होंने घटना के बारे में जो जानकारी दी उनसे यह साफ लग रहा है कि यह दंगा एक सुनियोजित प्लान के तहत किया गया और इसके लिए लाठी, डंडे, असलहे, कुल्हाड़ी, धारदार हथियार तथा पेट्रोल जैसी चीजों की व्यवस्था भी की गई थी।
