दिग्विजय सिंह का राज्यसभा में रौद्र रूप! सोनम वांगचुक से लेकर चीन और बेरोजगारी तक, सरकार की खोल दी पोल- VIDEO
Digvijay Singh: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मोदी सरकार की नीतियों और देश के वर्तमान हालातों पर तीखा प्रहार किया है।
- Written By: मनोज आर्या
Congress Leader Digvijay Singh In Parliament: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मोदी सरकार की नीतियों और देश के वर्तमान हालातों पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने अपने संबोधन में सरकार के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारे पर सवाल उठाते हुए इसे केवल कागजी बताया। उन्होंने कहा कि देश में आर्थिक असमानता ब्रिटिश शासन काल से भी बदतर स्थिति में पहुंच गई है। सोनम वांगचुक और उमर खालिद का जिक्र करते हुए दिग्विज सिंह ने सवाल उठाए, जो केवल छठी अनुसूची लागू करने की मांग कर रहे थे। साथ ही, उन्होंने उमर खालिद और शरजील इमाम जैसे कैदियों का जिक्र करते हुए कहा कि बिना चार्जशीट के उन्हें वर्षों से जेल में रखना अन्याय है। वर्ल्ड इनइक्वालिटी लैब के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि देश की 65% संपत्ति केवल शीर्ष 10% लोगों के पास है, जबकि निचली 50% आबादी के पास मात्र 6.4% संपत्ति है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक विशेष विचारधारा देश में भाई-भाई को लड़ा रही है और सौहार्द्रपूर्ण वातावरण को बिगाड़ रही है।
Congress Leader Digvijay Singh In Parliament: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मोदी सरकार की नीतियों और देश के वर्तमान हालातों पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने अपने संबोधन में सरकार के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारे पर सवाल उठाते हुए इसे केवल कागजी बताया। उन्होंने कहा कि देश में आर्थिक असमानता ब्रिटिश शासन काल से भी बदतर स्थिति में पहुंच गई है। सोनम वांगचुक और उमर खालिद का जिक्र करते हुए दिग्विज सिंह ने सवाल उठाए, जो केवल छठी अनुसूची लागू करने की मांग कर रहे थे। साथ ही, उन्होंने उमर खालिद और शरजील इमाम जैसे कैदियों का जिक्र करते हुए कहा कि बिना चार्जशीट के उन्हें वर्षों से जेल में रखना अन्याय है। वर्ल्ड इनइक्वालिटी लैब के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि देश की 65% संपत्ति केवल शीर्ष 10% लोगों के पास है, जबकि निचली 50% आबादी के पास मात्र 6.4% संपत्ति है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक विशेष विचारधारा देश में भाई-भाई को लड़ा रही है और सौहार्द्रपूर्ण वातावरण को बिगाड़ रही है।
