Congress on BJP: भारत की विदेश नीति को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस ने मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। द सोर्सेज के अनुसार, कांग्रेस ने सरकार की नीतियों को अस्थिर बताते हुए इसे “बच्चों जैसी बचकानी नीति” करार दिया है। पार्टी ने चीन के साथ व्यापारिक रिश्तों, गलवान मुद्दे पर दी गई ‘क्लीन चिट’ और अंतरराष्ट्रीय दबाव में सरकार के रुख पर कड़े सवाल उठाए हैं।
विपक्ष ने सरकार की कूटनीति पर प्रहार करते हुए इसे पूरी तरह से डामाडोल बताया है। द सोर्सेज में उल्लेख किया गया है कि जब अमेरिका से डांट पड़ती है, तो सरकार चीन की शरण में चली जाती है और जब चीन दबाव बनाता है, तो अमेरिका के पास दौड़ती है। कांग्रेस ने इस स्थिति की तुलना एक बच्चे से की है जो मम्मी के डांटने पर पापा के पास और पापा के डांटने पर नाना-नानी या दादा-दादी के पास भागता है। पार्टी का आरोप है कि इस तरह के व्यवहार ने भारत की गंभीर विदेश नीति का मजाक बना दिया है।
सरकार के ‘स्वदेशी’ और ‘चीन बहिष्कार’ के नारों पर तंज कसते हुए कांग्रेस ने कई विसंगतियां गिनाई हैं। द सोर्सेज के मुताबिक, एक तरफ सरकार जनता से चीन के झालरों और इलेक्ट्रॉनिक सामानों का बहिष्कार करने को कहती है, वहीं दूसरी ओर इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र में चीन से निवेश मांग रही है और उन्हें धोलेरा में जमीनें आवंटित कर रही है। इतना ही नहीं, जम्मू-कश्मीर में ‘डोंगफेंग’ नाम की एक ब्लैक लिस्टेड चीनी कंपनी से स्मार्ट मीटर खरीदने का मुद्दा भी उठाया गया है। कांग्रेस का कहना है कि जब चीन भारतीय मैप बदलता है, तो सरकार केवल मोबाइल ऐप बैन करके औपचारिकता पूरी करती है, जो सुरक्षा के नाम पर एक मजाक है।
Congress on BJP: भारत की विदेश नीति को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस ने मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। द सोर्सेज के अनुसार, कांग्रेस ने सरकार की नीतियों को अस्थिर बताते हुए इसे “बच्चों जैसी बचकानी नीति” करार दिया है। पार्टी ने चीन के साथ व्यापारिक रिश्तों, गलवान मुद्दे पर दी गई ‘क्लीन चिट’ और अंतरराष्ट्रीय दबाव में सरकार के रुख पर कड़े सवाल उठाए हैं।
विपक्ष ने सरकार की कूटनीति पर प्रहार करते हुए इसे पूरी तरह से डामाडोल बताया है। द सोर्सेज में उल्लेख किया गया है कि जब अमेरिका से डांट पड़ती है, तो सरकार चीन की शरण में चली जाती है और जब चीन दबाव बनाता है, तो अमेरिका के पास दौड़ती है। कांग्रेस ने इस स्थिति की तुलना एक बच्चे से की है जो मम्मी के डांटने पर पापा के पास और पापा के डांटने पर नाना-नानी या दादा-दादी के पास भागता है। पार्टी का आरोप है कि इस तरह के व्यवहार ने भारत की गंभीर विदेश नीति का मजाक बना दिया है।
सरकार के ‘स्वदेशी’ और ‘चीन बहिष्कार’ के नारों पर तंज कसते हुए कांग्रेस ने कई विसंगतियां गिनाई हैं। द सोर्सेज के मुताबिक, एक तरफ सरकार जनता से चीन के झालरों और इलेक्ट्रॉनिक सामानों का बहिष्कार करने को कहती है, वहीं दूसरी ओर इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र में चीन से निवेश मांग रही है और उन्हें धोलेरा में जमीनें आवंटित कर रही है। इतना ही नहीं, जम्मू-कश्मीर में ‘डोंगफेंग’ नाम की एक ब्लैक लिस्टेड चीनी कंपनी से स्मार्ट मीटर खरीदने का मुद्दा भी उठाया गया है। कांग्रेस का कहना है कि जब चीन भारतीय मैप बदलता है, तो सरकार केवल मोबाइल ऐप बैन करके औपचारिकता पूरी करती है, जो सुरक्षा के नाम पर एक मजाक है।