‘इतनी दिक्कत है तो दे दो हमें टिकट..’, रैली में ले जाने पर छात्राओं ने कॉलेज-RSS को किया रोस्ट; VIDEO वायरल
College Students Viral Video: वीडियो में कॉलेज की छात्राएं बीजेपी और आरएसएस द्वारा आयोजित एक कांग्रेस विरोधी रैली में शामिल होने के दौरान अपना गुस्सा जाहिर करती नजर आ रही हैं।
- Written By: अमन मौर्या
Gen Z Students Slam BJP-RSS Rally: देश में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर चल रही राजनीति के बीच एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में कॉलेज की छात्राएं बीजेपी और आरएसएस द्वारा आयोजित एक कांग्रेस विरोधी रैली में शामिल होने के दौरान अपना गुस्सा जाहिर करती नजर आ रही हैं। छात्राओं का आरोप है कि उन्हें और कॉलेज प्रशासन को मिलाकर जबरदस्ती इस रैली का हिस्सा बनाया गया है, जिसका एकमात्र उद्देश्य कांग्रेस को नीचा दिखाना है। छात्राओं ने कैमरे पर बेबाकी से कहा कि वे किसी भी राजनीतिक दल का समर्थन नहीं करती हैं, लेकिन जिस तरह से उन्हें धूप में घुमाया जा रहा है और हाथों में ‘नारी शक्ति का अपमान, कांग्रेस है बेईमान’ जैसे पोस्टर थमाए गए हैं, वह उन्हें पसंद नहीं आया। उन्होंने इसे “नीचता” करार देते हुए कहा कि यदि महिलाओं के सम्मान की इतनी ही चिंता है, तो उन्हें राजनीति में टिकट दिया जाना चाहिए। छात्राओं ने यह भी स्पष्ट किया कि वे सच बोल रही हैं और उन्हें किसी कानूनी कार्रवाई या एफआईआर का डर नहीं है। यह घटना दर्शाती है कि आज की युवा पीढ़ी (Gen Z) को राजनीतिक प्रोपेगेंडा के लिए इस्तेमाल करना अब आसान नहीं रह गया है।
Gen Z Students Slam BJP-RSS Rally: देश में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर चल रही राजनीति के बीच एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में कॉलेज की छात्राएं बीजेपी और आरएसएस द्वारा आयोजित एक कांग्रेस विरोधी रैली में शामिल होने के दौरान अपना गुस्सा जाहिर करती नजर आ रही हैं। छात्राओं का आरोप है कि उन्हें और कॉलेज प्रशासन को मिलाकर जबरदस्ती इस रैली का हिस्सा बनाया गया है, जिसका एकमात्र उद्देश्य कांग्रेस को नीचा दिखाना है। छात्राओं ने कैमरे पर बेबाकी से कहा कि वे किसी भी राजनीतिक दल का समर्थन नहीं करती हैं, लेकिन जिस तरह से उन्हें धूप में घुमाया जा रहा है और हाथों में ‘नारी शक्ति का अपमान, कांग्रेस है बेईमान’ जैसे पोस्टर थमाए गए हैं, वह उन्हें पसंद नहीं आया। उन्होंने इसे “नीचता” करार देते हुए कहा कि यदि महिलाओं के सम्मान की इतनी ही चिंता है, तो उन्हें राजनीति में टिकट दिया जाना चाहिए। छात्राओं ने यह भी स्पष्ट किया कि वे सच बोल रही हैं और उन्हें किसी कानूनी कार्रवाई या एफआईआर का डर नहीं है। यह घटना दर्शाती है कि आज की युवा पीढ़ी (Gen Z) को राजनीतिक प्रोपेगेंडा के लिए इस्तेमाल करना अब आसान नहीं रह गया है।
