CM Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने हालिया संबोधन में ऐतिहासिक पात्रों की तुलना आधुनिक परिस्थितियों से करते हुए एक नया विमर्श छेड़ा है। उन्होंने सालार मसूद को एक आक्रांता और ‘माफिया’ के रूप में परिभाषित किया, जिसने भारत की संस्कृति और मंदिरों (सोमनाथ और अयोध्या) पर प्रहार किया था। योगी जी ने महाराजा सुहेलदेव के शौर्य को याद करते हुए बताया कि कैसे उन्होंने सालार मसूद को ‘जहन्नुम’ भेजने का काम किया था। सीएम ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि अतीत में लोग आक्रांताओं के स्मारकों पर जाते थे लेकिन अब समय बदल गया है और भव्य स्मारक के कारण लोग महाराजा सुहेलदेव का सम्मान कर रहे हैं। उन्होंने नाट्य अकादमियों और रचनाकारों से आह्वान किया कि वह वीरांगना अवंती बाई, उदा देवी और झलकारी बाई जैसे भारतीय नायकों पर नाटक और संगीत तैयार करें। योगी जी का स्पष्ट संदेश है कि देश के असली नायकों को पहचान मिलनी चाहिए और खलनायकों को कभी भी सम्मान नहीं दिया जाना चाहिए। उनका यह ‘माफिया’ वाला बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
CM Yogi Adityanath: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने हालिया संबोधन में ऐतिहासिक पात्रों की तुलना आधुनिक परिस्थितियों से करते हुए एक नया विमर्श छेड़ा है। उन्होंने सालार मसूद को एक आक्रांता और ‘माफिया’ के रूप में परिभाषित किया, जिसने भारत की संस्कृति और मंदिरों (सोमनाथ और अयोध्या) पर प्रहार किया था। योगी जी ने महाराजा सुहेलदेव के शौर्य को याद करते हुए बताया कि कैसे उन्होंने सालार मसूद को ‘जहन्नुम’ भेजने का काम किया था। सीएम ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि अतीत में लोग आक्रांताओं के स्मारकों पर जाते थे लेकिन अब समय बदल गया है और भव्य स्मारक के कारण लोग महाराजा सुहेलदेव का सम्मान कर रहे हैं। उन्होंने नाट्य अकादमियों और रचनाकारों से आह्वान किया कि वह वीरांगना अवंती बाई, उदा देवी और झलकारी बाई जैसे भारतीय नायकों पर नाटक और संगीत तैयार करें। योगी जी का स्पष्ट संदेश है कि देश के असली नायकों को पहचान मिलनी चाहिए और खलनायकों को कभी भी सम्मान नहीं दिया जाना चाहिए। उनका यह ‘माफिया’ वाला बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।