वाराणसी में आधी रात चला CM योगी का बुलडोजर, काशी रेलवे स्टेशन परिसर से मजार और मस्जिद पूरी तरह जमींदोज- VIDEO
Varanasi Masjid Demolition: वाराणसी में मंगलवार आधी रात को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए काशी रेलवे स्टेशन परिसर में स्थित अजगैब शहीद मजार और उससे सटी मस्जिद को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया।
- Written By: मनोज आर्या
Varanasi Masjid Demolition: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में मंगलवार आधी रात को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए काशी रेलवे स्टेशन परिसर में स्थित अजगैब शहीद मजार और उससे सटी मस्जिद को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इस बेहद संवेदनशील कार्रवाई के मद्देनजर पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया था और भारी पुलिस बल तथा पीएसी के जवानों की मौजूदगी में तीन बुलडोजरों ने देर रात करीब 12 बजे अभियान शुरू किया। प्रशासन के मुताबिक, काशी रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास और इसे एक नए मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए यह कदम उठाया गया है, जिसके तहत रेलवे की इस जमीन पर वर्षों पुराने अवैध अतिक्रमण को हटाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि साल 2024 में पैमाइश के दौरान कब्जे की बात सामने आने के बाद यह मामला पिछले दो वर्षों से अदालत में था, जहां हाल ही में मजार पक्ष की याचिका खारिज होने और नोटिस की मियाद पूरी होने के बाद यह विध्वंस किया गया। दूसरी तरफ, मुस्लिम पक्ष ने इस कार्रवाई पर गहरा विरोध जताते हुए दावा किया है कि इस मस्जिद और मजार का इतिहास सैकड़ों साल पुराना है और यह धार्मिक स्थल लंबे समय से वहां अस्तित्व में था।
Varanasi Masjid Demolition: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में मंगलवार आधी रात को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए काशी रेलवे स्टेशन परिसर में स्थित अजगैब शहीद मजार और उससे सटी मस्जिद को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इस बेहद संवेदनशील कार्रवाई के मद्देनजर पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया था और भारी पुलिस बल तथा पीएसी के जवानों की मौजूदगी में तीन बुलडोजरों ने देर रात करीब 12 बजे अभियान शुरू किया। प्रशासन के मुताबिक, काशी रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास और इसे एक नए मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित करने के लिए यह कदम उठाया गया है, जिसके तहत रेलवे की इस जमीन पर वर्षों पुराने अवैध अतिक्रमण को हटाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि साल 2024 में पैमाइश के दौरान कब्जे की बात सामने आने के बाद यह मामला पिछले दो वर्षों से अदालत में था, जहां हाल ही में मजार पक्ष की याचिका खारिज होने और नोटिस की मियाद पूरी होने के बाद यह विध्वंस किया गया। दूसरी तरफ, मुस्लिम पक्ष ने इस कार्रवाई पर गहरा विरोध जताते हुए दावा किया है कि इस मस्जिद और मजार का इतिहास सैकड़ों साल पुराना है और यह धार्मिक स्थल लंबे समय से वहां अस्तित्व में था।
