AIIMS को CM रेखा गुप्ता ने दी 6 करोड़ की सौगात, कहा- 10 साल में बदली एम्स की सूरत
CM रेखा गुप्ता ने दिल्ली के एम्स अस्पताल में नवनिर्मित धानुका प्रतीक्षा क्षेत्र के उद्घाटन के लिए हवन और पूजा में हिस्सा लिया। धानुका प्रतीक्षा क्षेत्र को 6 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है।
- Written By: अक्षय साहू
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को एम्स अस्पताल का दौरा किया। यहां उन्होंने एम्स में धानुका प्रतीक्षा क्षेत्र के उद्घाटन के लिए हवन और पूजा में हिस्सा लिया। इस दौरान दिल्ली की सीएम ने कहा कि एम्स एक अस्पताल नहीं है, बल्कि यह लाखों लोगों के लिए आशा की किरण है। जब पूरे देश में कहीं भी इलाज की संभावनाएं खत्म हो जाती हैं, तब लोग एम्स दिल्ली की ओर निगाह उठा कर देखते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली एम्स विशेष रूप से 6 लाख OPD सालाना संभालता है। दिल्ली एम्स हर मामले में दिल्ली के किसी भी अस्पताल से अव्वल है। सीएम रेखा ने कहा, हर दिन हजारों मरीज दिल्ली एम्स में आते हैं, जो सिर्फ दिल्ली से ही नहीं बल्कि देशभर से आते हैं। जबकि देश में 22 एम्स पूरे करने पर काम चल रहा है। दिल्ली एम्स का अपना महत्व है और हमने यहां के मरीजों को देखा है कि 2014 से पहले इस अस्पताल में कैसी अव्यवस्थाएं हुआ करती थीं, लेकिन पिछले दस सालों में एम्स की सारी व्यवस्थाएं सुधरी हैं और एम्स का काम बहुत व्यवस्थित तरीके से चलता है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को एम्स अस्पताल का दौरा किया। यहां उन्होंने एम्स में धानुका प्रतीक्षा क्षेत्र के उद्घाटन के लिए हवन और पूजा में हिस्सा लिया। इस दौरान दिल्ली की सीएम ने कहा कि एम्स एक अस्पताल नहीं है, बल्कि यह लाखों लोगों के लिए आशा की किरण है। जब पूरे देश में कहीं भी इलाज की संभावनाएं खत्म हो जाती हैं, तब लोग एम्स दिल्ली की ओर निगाह उठा कर देखते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली एम्स विशेष रूप से 6 लाख OPD सालाना संभालता है। दिल्ली एम्स हर मामले में दिल्ली के किसी भी अस्पताल से अव्वल है। सीएम रेखा ने कहा, हर दिन हजारों मरीज दिल्ली एम्स में आते हैं, जो सिर्फ दिल्ली से ही नहीं बल्कि देशभर से आते हैं। जबकि देश में 22 एम्स पूरे करने पर काम चल रहा है। दिल्ली एम्स का अपना महत्व है और हमने यहां के मरीजों को देखा है कि 2014 से पहले इस अस्पताल में कैसी अव्यवस्थाएं हुआ करती थीं, लेकिन पिछले दस सालों में एम्स की सारी व्यवस्थाएं सुधरी हैं और एम्स का काम बहुत व्यवस्थित तरीके से चलता है।
