‘बचाओ साहब, हमें जबरदस्ती ले जा रहे हैं’, लखनऊ में कर्मियों का हंगामा, पुलिस की बदसलूकी पर उठे सवाल- VIDEO
Lucknow Protest: यूपी की राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के सैकड़ों कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों और कम वेतन के विरोध में गोमती नगर स्थित साइबर टावर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।
- Written By: मनोज आर्या
Lucknow CM 1076 Helpline Number Employees Protest: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के सैकड़ों कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों और कम वेतन के विरोध में गोमती नगर स्थित साइबर टावर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन उस समय उग्र हो गया जब कर्मचारी मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने लगे, जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर उन्हें रोकने की कोशिश की। प्रदर्शनकारी महिलाओं और पुरुषों को पुलिस द्वारा घसीटकर बसों में भरते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला कर्मचारी बस की खिड़की से रोते हुए मदद की गुहार लगा रही है। कर्मचारियों का आरोप है कि उनसे 15,000 रुपये वेतन का वादा किया गया था, लेकिन उन्हें केवल 7 से 8 हजार रुपये ही दिए जा रहे हैं। साथ ही, दो-दो महीने की सैलरी रोकने और ऑफिस के भीतर मोबाइल फोन जमा कराने जैसे शोषणकारी व्यवहार के खिलाफ भी आक्रोश है। भारी हंगामे के बाद पुलिस ने पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री कार्यालय से मिलवाने का आश्वासन दिया, तब जाकर मामला शांत हुआ।
Lucknow CM 1076 Helpline Number Employees Protest: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के सैकड़ों कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों और कम वेतन के विरोध में गोमती नगर स्थित साइबर टावर के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन उस समय उग्र हो गया जब कर्मचारी मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने लगे, जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर उन्हें रोकने की कोशिश की। प्रदर्शनकारी महिलाओं और पुरुषों को पुलिस द्वारा घसीटकर बसों में भरते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला कर्मचारी बस की खिड़की से रोते हुए मदद की गुहार लगा रही है। कर्मचारियों का आरोप है कि उनसे 15,000 रुपये वेतन का वादा किया गया था, लेकिन उन्हें केवल 7 से 8 हजार रुपये ही दिए जा रहे हैं। साथ ही, दो-दो महीने की सैलरी रोकने और ऑफिस के भीतर मोबाइल फोन जमा कराने जैसे शोषणकारी व्यवहार के खिलाफ भी आक्रोश है। भारी हंगामे के बाद पुलिस ने पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री कार्यालय से मिलवाने का आश्वासन दिया, तब जाकर मामला शांत हुआ।
