NEET पेपर लीक पर CJP का बड़ा ऐलान, सरकार से बातचीत के बाद भी नहीं बनी बात
NEET Paper Leak Protest: NEET पेपर लीक विवाद पर CJP ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई। सरकार को बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी।
- Written By: वंदना शर्मा
Dharmendra Pradhan Resignation: NEET पेपर लीक के मामले को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच कॉकरोच पार्टी ने एक बार फिर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को दोहराया है। पार्टी के प्रवक्ता दीपक बालियान ने कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक सरकार के साथ होने वाली बैठकों का कोई खास मतलब नहीं है।
उन्होंने तो यह भी कहा कि सरकार के साथ हुई हालिया बैठक में मुआवजे और कानूनी मामलों को लेकर सिद्धांतत सहमति बनी है, लेकिन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के मुद्दे पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि यही उनकी सबसे बड़ी मांग है और इस पर सरकार को स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए।
सीजेपी के प्रवक्ता ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मुख्य मांग पूरी नहीं होती है तो संगठन 20 जुलाई से भी बड़ा आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार के मौजूदा रुख को देखते हुए आंदोलन को और व्यापक बनाने पर विचार किया जा रहा है। उनका कहना है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर अब पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा युवाओं के लिए सोशल मीडिया पर रील्स बनाने की पहल पर भी दीपक बालियान ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि युवाओं का गुस्सा सोशल मीडिया पर साफ दिखाई दे रहा है, लेकिन केवल रील्स बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उनके मुताबिक, इस पूरे विवाद का वास्तविक समाधान शिक्षा मंत्री के इस्तीफे में है।
दीपक बालियान ने यह भी दावा किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि 20 जुलाई को हुई हिंसा प्रदर्शनकारियों की ओर से नहीं, बल्कि पुलिस की कार्रवाई के कारण हुई। उन्होंने कहा कि संगठन आगे भी लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को उठाता रहेगा।
Dharmendra Pradhan Resignation: NEET पेपर लीक के मामले को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच कॉकरोच पार्टी ने एक बार फिर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को दोहराया है। पार्टी के प्रवक्ता दीपक बालियान ने कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक सरकार के साथ होने वाली बैठकों का कोई खास मतलब नहीं है।
उन्होंने तो यह भी कहा कि सरकार के साथ हुई हालिया बैठक में मुआवजे और कानूनी मामलों को लेकर सिद्धांतत सहमति बनी है, लेकिन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के मुद्दे पर कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि यही उनकी सबसे बड़ी मांग है और इस पर सरकार को स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए।
सीजेपी के प्रवक्ता ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मुख्य मांग पूरी नहीं होती है तो संगठन 20 जुलाई से भी बड़ा आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार के मौजूदा रुख को देखते हुए आंदोलन को और व्यापक बनाने पर विचार किया जा रहा है। उनका कहना है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर अब पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा युवाओं के लिए सोशल मीडिया पर रील्स बनाने की पहल पर भी दीपक बालियान ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि युवाओं का गुस्सा सोशल मीडिया पर साफ दिखाई दे रहा है, लेकिन केवल रील्स बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उनके मुताबिक, इस पूरे विवाद का वास्तविक समाधान शिक्षा मंत्री के इस्तीफे में है।
दीपक बालियान ने यह भी दावा किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि 20 जुलाई को हुई हिंसा प्रदर्शनकारियों की ओर से नहीं, बल्कि पुलिस की कार्रवाई के कारण हुई। उन्होंने कहा कि संगठन आगे भी लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को उठाता रहेगा।
