संविधान के आंदोलन के अधिकार का हवाला देकर चंद्रशेखर ने उठाए बड़े सवाल-VIDEO
Lalita Gautam Case: मेरठ में ललिता गौतम के परिवार से मिले चंद्रशेखर आज़ाद ने यूपी पुलिस और योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और 7 दिन में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
- Written By: वंदना शर्मा
Chandrashekhar Azad Meerut Statement: चंद्रशेखर आज़ाद ने मेरठ में ललिता गौतम के परिवार से मुलाकात की और योगी सरकार तथा उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए गए हैं। इस मामले को लेकर चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार के साथ पुलिस द्वारा मारपीट की गई और उन्हें डराया-धमकाया गया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों के संवेदनहीन रवैये की कड़ी निंदा की है। आज़ाद का यह भी तर्क है कि यदि जिले का ‘कप्तान’ और सर्वोच्च अधिकारी प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट करेंगे, तो निचले स्तर के पुलिसकर्मी भी वही करेंगे। उन्होंने सवाल पूछा कि पुलिस ने इतनी बार प्रदर्शन होने पर सिर्फ इसी मामले में हिंसा क्यों की?
चंद्रशेखर आज़ाद ने प्रशासन को अपनी मांगों को पूरा करने के लिए 7 दिन का समय दिया है। उन्होंने अपने बयांन में स्पष्ट करते हुए कहा कि यदि निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो वे लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। इतना ही नही बल्कि उन्होंने यह भी कहा कि जिले में जातीय तनाव फैलाने की कोशिश की जा रही है, जिसे वे सफल नहीं होने देंगे। इसके अलावा उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की भी अपील की है।
जब उनसे कानून के माध्यम से न्याय मांगने की सलाह पर प्रतिक्रिया मांगी गई, तब उन्होंने कहा कि वे संविधान द्वारा दिए गए ‘आंदोलन के अधिकार’ का उपयोग कर रहे हैं क्योंकि पुलिस निष्पक्ष काम नहीं कर रही है। अपको बता दें कि चंद्रशेखर ने अंत में यह भी मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए कि किस अधिकारी के आदेश पर परिवार के साथ ऐसा बर्ताव किया गया। इस मामले को पूरा जानने के लिए यह वीडियो को देखें…
Chandrashekhar Azad Meerut Statement: चंद्रशेखर आज़ाद ने मेरठ में ललिता गौतम के परिवार से मुलाकात की और योगी सरकार तथा उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए गए हैं। इस मामले को लेकर चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार के साथ पुलिस द्वारा मारपीट की गई और उन्हें डराया-धमकाया गया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों के संवेदनहीन रवैये की कड़ी निंदा की है। आज़ाद का यह भी तर्क है कि यदि जिले का ‘कप्तान’ और सर्वोच्च अधिकारी प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट करेंगे, तो निचले स्तर के पुलिसकर्मी भी वही करेंगे। उन्होंने सवाल पूछा कि पुलिस ने इतनी बार प्रदर्शन होने पर सिर्फ इसी मामले में हिंसा क्यों की?
चंद्रशेखर आज़ाद ने प्रशासन को अपनी मांगों को पूरा करने के लिए 7 दिन का समय दिया है। उन्होंने अपने बयांन में स्पष्ट करते हुए कहा कि यदि निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो वे लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। इतना ही नही बल्कि उन्होंने यह भी कहा कि जिले में जातीय तनाव फैलाने की कोशिश की जा रही है, जिसे वे सफल नहीं होने देंगे। इसके अलावा उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की भी अपील की है।
जब उनसे कानून के माध्यम से न्याय मांगने की सलाह पर प्रतिक्रिया मांगी गई, तब उन्होंने कहा कि वे संविधान द्वारा दिए गए ‘आंदोलन के अधिकार’ का उपयोग कर रहे हैं क्योंकि पुलिस निष्पक्ष काम नहीं कर रही है। अपको बता दें कि चंद्रशेखर ने अंत में यह भी मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए कि किस अधिकारी के आदेश पर परिवार के साथ ऐसा बर्ताव किया गया। इस मामले को पूरा जानने के लिए यह वीडियो को देखें…
