Ujjain Budheshwar Mahadev Temple: उज्जैन जिले के बड़नगर स्थित प्रसिद्ध बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में इस समय आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहा है। मंदिर का भव्य श्रृंगार इस बार 1 करोड़ 31 लाख रुपए के नोटों से किया गया है, जिसे तैयार करने में 7 कुशल कलाकारों की टीम ने अपनी कला का अद्भुत प्रदर्शन किया। यह परंपरा पिछले 5 वर्षों से चल रही है, और इस बार अब तक की सबसे बड़ी राशि का उपयोग हुआ है। मंदिर में नोटों से बने मुकुट, हार और आकर्षक लड़ियों से भगवान महादेव का रूप अत्यंत मनमोहक दिखाई दे रहा है। इस अनूठे श्रृंगार को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं, और यह आयोजन पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। बुद्धेश्वर महादेव मेले के अध्यक्ष संदीप पटोल के अनुसार, पांच साल पहले इस श्रृंगार में 51 लाख रुपए के नोटों का उपयोग किया गया था, और तब से लगातार राशि बढ़ती जा रही है। इस बार 10, 20, 50, 100, 200 और 500 रुपए के नोटों को अलग-अलग डिजाइन में सजाकर मंदिर को आकर्षक रूप दिया गया है। अमन, कपिल, दिनेश, भैरू और उनकी टीम लगभग दो दिन से इस सजावट में जुटी हुई है। इस अनोखे और भव्य श्रृंगार ने श्रद्धालुओं के मन को आनंद और भक्ति से भर दिया है।
Ujjain Budheshwar Mahadev Temple: उज्जैन जिले के बड़नगर स्थित प्रसिद्ध बुद्धेश्वर महादेव मंदिर में इस समय आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहा है। मंदिर का भव्य श्रृंगार इस बार 1 करोड़ 31 लाख रुपए के नोटों से किया गया है, जिसे तैयार करने में 7 कुशल कलाकारों की टीम ने अपनी कला का अद्भुत प्रदर्शन किया। यह परंपरा पिछले 5 वर्षों से चल रही है, और इस बार अब तक की सबसे बड़ी राशि का उपयोग हुआ है। मंदिर में नोटों से बने मुकुट, हार और आकर्षक लड़ियों से भगवान महादेव का रूप अत्यंत मनमोहक दिखाई दे रहा है। इस अनूठे श्रृंगार को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं, और यह आयोजन पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। बुद्धेश्वर महादेव मेले के अध्यक्ष संदीप पटोल के अनुसार, पांच साल पहले इस श्रृंगार में 51 लाख रुपए के नोटों का उपयोग किया गया था, और तब से लगातार राशि बढ़ती जा रही है। इस बार 10, 20, 50, 100, 200 और 500 रुपए के नोटों को अलग-अलग डिजाइन में सजाकर मंदिर को आकर्षक रूप दिया गया है। अमन, कपिल, दिनेश, भैरू और उनकी टीम लगभग दो दिन से इस सजावट में जुटी हुई है। इस अनोखे और भव्य श्रृंगार ने श्रद्धालुओं के मन को आनंद और भक्ति से भर दिया है।