BSP Chief Mayawati: नेटफ्लिक्स की आने वाली फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ अपने नाम को लेकर रिलीज से पहले ही बड़े विवादों में घिर गई है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सुप्रीमो मायावती ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए केंद्र सरकार से फिल्म पर तुरंत प्रतिबंध लगाने की मांग की है। मायावती ने सोशल मीडिया पर लिखा कि फिल्मों में ब्राह्मण समाज को अपमानित करना चिंताजनक है और इससे पूरे समाज में भारी रोष व्याप्त है। अयोध्या के संतों और बाबरी मस्जिद के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने भी फिल्म के टाइटल को जातिसूचक और घृणित करार दिया है। संतों का आरोप है कि सेंसर बोर्ड ऐसी फिल्मों को अनुमति देकर समाज में वैमनस्य फैला रहा है। कुछ संतों ने तो फिल्म निर्माता को गंभीर परिणाम भुगतने तक की चेतावनी दे दी है। लखनऊ सहित देश के विभिन्न हिस्सों में फिल्म के खिलाफ एफआईआर (FIR) भी दर्ज कराई गई है। विरोध करने वालों का कहना है कि यह फिल्म जानबूझकर एक विशेष समुदाय की छवि खराब करने के उद्देश्य से बनाई गई है।
BSP Chief Mayawati: नेटफ्लिक्स की आने वाली फिल्म ‘घूसखोर पंडित’ अपने नाम को लेकर रिलीज से पहले ही बड़े विवादों में घिर गई है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सुप्रीमो मायावती ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए केंद्र सरकार से फिल्म पर तुरंत प्रतिबंध लगाने की मांग की है। मायावती ने सोशल मीडिया पर लिखा कि फिल्मों में ब्राह्मण समाज को अपमानित करना चिंताजनक है और इससे पूरे समाज में भारी रोष व्याप्त है। अयोध्या के संतों और बाबरी मस्जिद के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने भी फिल्म के टाइटल को जातिसूचक और घृणित करार दिया है। संतों का आरोप है कि सेंसर बोर्ड ऐसी फिल्मों को अनुमति देकर समाज में वैमनस्य फैला रहा है। कुछ संतों ने तो फिल्म निर्माता को गंभीर परिणाम भुगतने तक की चेतावनी दे दी है। लखनऊ सहित देश के विभिन्न हिस्सों में फिल्म के खिलाफ एफआईआर (FIR) भी दर्ज कराई गई है। विरोध करने वालों का कहना है कि यह फिल्म जानबूझकर एक विशेष समुदाय की छवि खराब करने के उद्देश्य से बनाई गई है।