BPSC Normalization का मुद्दा जायज, इसलिए हो रहा है आयोग का विरोध
खान सर ने BPSC की नॉर्मलाइजेशन नीति की कड़ी आलोचना करते हुए इसे छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बताया। प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिए गए खान सर ने अस्पताल से लौटकर कहा, ‘यह नीति पारदर्शी नहीं है।
- Written By: विजय कुमार तिवारी
बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन की परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए खान सर ने कहा है कि आयोग द्वारा जो भी सुझाव दिए गए हैं वह सही नहीं है। एक छात्र की दूसरे छात्र से सही कंपटीशन तभी हो सकता है जब सभी के साथ एक ही तरह के सवाल पूछे जाएं। नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया मैथ के पेपर में हो सकती है, लेकिन इसे अगर आप जनरल नॉलेज या अन्य विषय में करने की कोशिश करेंगे तो सफल नहीं हो पाएंगे। इससे लड़कों में भेदभाव दिखाई देगा। अगर आयोग एक ही परीक्षा के लिए अलग-अलग पेपर तैयार करता है और अलग-अलग तरीके से परीक्षा लेता है तो इससे परीक्षा फल प्रभावित होगा और प्रतियोगी परीक्षार्थियों में सही तरीके से प्रतियोगिता नहीं हो पाएगी।
बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन की परीक्षा में नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए खान सर ने कहा है कि आयोग द्वारा जो भी सुझाव दिए गए हैं वह सही नहीं है। एक छात्र की दूसरे छात्र से सही कंपटीशन तभी हो सकता है जब सभी के साथ एक ही तरह के सवाल पूछे जाएं। नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया मैथ के पेपर में हो सकती है, लेकिन इसे अगर आप जनरल नॉलेज या अन्य विषय में करने की कोशिश करेंगे तो सफल नहीं हो पाएंगे। इससे लड़कों में भेदभाव दिखाई देगा। अगर आयोग एक ही परीक्षा के लिए अलग-अलग पेपर तैयार करता है और अलग-अलग तरीके से परीक्षा लेता है तो इससे परीक्षा फल प्रभावित होगा और प्रतियोगी परीक्षार्थियों में सही तरीके से प्रतियोगिता नहीं हो पाएगी।
