BMC School Manache Shlok Controversy: मुंबई नगर निगम के स्कूलों में 17वीं सदी के संत समर्थ रामदास स्वामी के ‘मनाचे श्लोक’ को अनिवार्य करने के प्रस्ताव पर विवाद बढ़ गया है। पूर्व मेयर किशोरी पेडनेकर द्वारा रखे गए इस प्रस्ताव के बाद धर्म और संविधान को लेकर बहस छिड़ गई है। AIMIM नेता वारिस पठान और सपा नेता अब्बू आजमी ने इसका विरोध करते हुए बीजेपी पर निशाना साधा है। वारिस पठान ने कहा कि किसी भी धर्म विशेष की प्रार्थना को जबरन छात्रों पर थोपना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय सिर्फ अल्लाह की इबादत करता है, इसलिए ऐसे श्लोक जिन्हें उनका धर्म स्वीकार नहीं करता, उन्हें पढ़ने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राष्ट्रगान का सम्मान सभी करते हैं, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ किसी को बाध्य करना गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में सभी धर्मों का सम्मान जरूरी है और धर्म निजी आस्था का विषय है। स्कूलों को शिक्षा पर ध्यान देना चाहिए, न कि धार्मिक गतिविधियों पर। बेहतर शिक्षा से ही बच्चों और देश का भविष्य मजबूत हो सकता है।
BMC School Manache Shlok Controversy: मुंबई नगर निगम के स्कूलों में 17वीं सदी के संत समर्थ रामदास स्वामी के ‘मनाचे श्लोक’ को अनिवार्य करने के प्रस्ताव पर विवाद बढ़ गया है। पूर्व मेयर किशोरी पेडनेकर द्वारा रखे गए इस प्रस्ताव के बाद धर्म और संविधान को लेकर बहस छिड़ गई है। AIMIM नेता वारिस पठान और सपा नेता अब्बू आजमी ने इसका विरोध करते हुए बीजेपी पर निशाना साधा है। वारिस पठान ने कहा कि किसी भी धर्म विशेष की प्रार्थना को जबरन छात्रों पर थोपना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय सिर्फ अल्लाह की इबादत करता है, इसलिए ऐसे श्लोक जिन्हें उनका धर्म स्वीकार नहीं करता, उन्हें पढ़ने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राष्ट्रगान का सम्मान सभी करते हैं, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के खिलाफ किसी को बाध्य करना गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में सभी धर्मों का सम्मान जरूरी है और धर्म निजी आस्था का विषय है। स्कूलों को शिक्षा पर ध्यान देना चाहिए, न कि धार्मिक गतिविधियों पर। बेहतर शिक्षा से ही बच्चों और देश का भविष्य मजबूत हो सकता है।