‘हार के डर से ममता…’, भगवान राम पर विवादित टिप्पणी को लेकर भाजपा का ममता सरकार पर बड़ा हमला
Mamata Banerjee: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने टीएमसी विधायक मदन मित्र द्वारा भगवान राम पर की गई टिप्पणी को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को आड़े हाथों लिया है। देखें वीडियो-
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
Gaurav Bhatia on TMC: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने आरोप लगाया कि आगामी विधानसभा चुनावों में हार के डर से ममता बनर्जी अपने नेताओं के माध्यम से सांप्रदायिक राजनीति का सहारा ले रही हैं। उन्होंने मदन मित्र के उस बयान की घोर निंदा की, जिसमें कथित तौर पर प्रभु राम को हिंदू के बजाय मुसलमान बताया गया और उनके ‘सरनेम’ पर सवाल उठाए गए, जिससे करोड़ों हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुँची है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यह सब ममता बनर्जी के इशारे पर हो रहा है, जो हिंदुओं को ‘द्वितीय श्रेणी का नागरिक’ समझती हैं। उन्होंने पिछली घटनाओं का हवाला देते हुए याद दिलाया कि कैसे 2019 में ममता बनर्जी ‘जय श्री राम’ के नारों पर भड़क गई थीं और महाकुंभ को ‘मृत्यु कुंभ’ कहा था। गौरव भाटिया ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री ने अब तक मदन मित्र को पार्टी से निष्कासित क्यों नहीं किया या उनके खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज क्यों नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की कानून-व्यवस्था की जिम्मेदार होने के बावजूद ममता बनर्जी स्वयं वोटों के लिए सांप्रदायिक राजनीति कर रही हैं।
Gaurav Bhatia on TMC: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने आरोप लगाया कि आगामी विधानसभा चुनावों में हार के डर से ममता बनर्जी अपने नेताओं के माध्यम से सांप्रदायिक राजनीति का सहारा ले रही हैं। उन्होंने मदन मित्र के उस बयान की घोर निंदा की, जिसमें कथित तौर पर प्रभु राम को हिंदू के बजाय मुसलमान बताया गया और उनके ‘सरनेम’ पर सवाल उठाए गए, जिससे करोड़ों हिंदुओं की आस्था को ठेस पहुँची है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यह सब ममता बनर्जी के इशारे पर हो रहा है, जो हिंदुओं को ‘द्वितीय श्रेणी का नागरिक’ समझती हैं। उन्होंने पिछली घटनाओं का हवाला देते हुए याद दिलाया कि कैसे 2019 में ममता बनर्जी ‘जय श्री राम’ के नारों पर भड़क गई थीं और महाकुंभ को ‘मृत्यु कुंभ’ कहा था। गौरव भाटिया ने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री ने अब तक मदन मित्र को पार्टी से निष्कासित क्यों नहीं किया या उनके खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज क्यों नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की कानून-व्यवस्था की जिम्मेदार होने के बावजूद ममता बनर्जी स्वयं वोटों के लिए सांप्रदायिक राजनीति कर रही हैं।
