एक विशेष साक्षात्कार के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने भाजपा की “नरम-गरम” राजनीति पर बड़ा सवाल उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के रिश्तों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि यह सब एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। शंकराचार्य के अनुसार, भाजपा की नीति है कि एक नेता एक मोर्चा संभाले और दूसरा दूसरा, ताकि हर तरह के वर्ग को साधा जा सके। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ गाय की पूजा की जाती है और दूसरी तरफ बीफ निर्यात के आंकड़े दिखाए जाते हैं। शंकराचार्य ने स्पष्ट किया कि वे किसी राजनीतिक दल के पक्ष में नहीं हैं, बल्कि एक धर्मगुरु होने के नाते सभी दलों में मौजूद हिंदुओं के अभिभावक हैं। उन्होंने विपक्षी दलों जैसे सपा और कांग्रेस द्वारा इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दिए जाने पर कहा कि वे केवल धर्म की रक्षा के लिए बोलते हैं। आरएसएस (RSS) की भूमिका पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि संघ खुद को सामाजिक संगठन बताता है, धार्मिक नहीं, इसलिए उन्हें संघ से किसी प्रतिक्रिया की अपेक्षा नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे केवल सच्चे सनातनियों की आवाज पर भरोसा करते हैं।
एक विशेष साक्षात्कार के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने भाजपा की “नरम-गरम” राजनीति पर बड़ा सवाल उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के रिश्तों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि यह सब एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। शंकराचार्य के अनुसार, भाजपा की नीति है कि एक नेता एक मोर्चा संभाले और दूसरा दूसरा, ताकि हर तरह के वर्ग को साधा जा सके। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ गाय की पूजा की जाती है और दूसरी तरफ बीफ निर्यात के आंकड़े दिखाए जाते हैं। शंकराचार्य ने स्पष्ट किया कि वे किसी राजनीतिक दल के पक्ष में नहीं हैं, बल्कि एक धर्मगुरु होने के नाते सभी दलों में मौजूद हिंदुओं के अभिभावक हैं। उन्होंने विपक्षी दलों जैसे सपा और कांग्रेस द्वारा इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दिए जाने पर कहा कि वे केवल धर्म की रक्षा के लिए बोलते हैं। आरएसएस (RSS) की भूमिका पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि संघ खुद को सामाजिक संगठन बताता है, धार्मिक नहीं, इसलिए उन्हें संघ से किसी प्रतिक्रिया की अपेक्षा नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वे केवल सच्चे सनातनियों की आवाज पर भरोसा करते हैं।