बिहार के राज्यपाल अरिफ मोहम्मद खान महाकुंभ में की शिरकत, भारतीय संस्कृति की विशेषता पर भी चर्चा
बिहार के राज्यपाल अरिफ मोहम्मद खान ने परमार्थ निकेतन के पंडाल में गंगा आरती करने के बाद महाकुंभ को भारत की आध्यात्मिक विरासत का गौरव बताते हुए कहा कि यह आयोजन संपूर्ण विश्व को शांति, एकता और सेवा का संदेश देता है।
- Written By: विजय कुमार तिवारी
प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ 2025 में बिहार के राज्यपाल अरिफ मोहम्मद खान ने शिरकत की। उन्होंने संगम तट पर आस्था की डुबकी लगाई और परमार्थ निकेतन आश्रम के स्वामी चिदानंद सरस्वती से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने महाकुंभ के महत्व पर अपने विचार साझा किए। इस दौरान राज्यपाल अरिफ मोहम्मद खान ने भारतीय संस्कृति की विशेषता पर भी चर्चा करते हुए संगम के महत्व पर प्रकाश डाला। वहां उन्होंने परमार्थ निकेतन के पंडाल में गंगा आरती करके धार्मिक महत्ता को स्वीकारा। राज्यपाल ने महाकुंभ को भारत की आध्यात्मिक विरासत का गौरव बताते हुए कहा कि यह आयोजन संपूर्ण विश्व को शांति, एकता और सेवा का संदेश देता है।
प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ 2025 में बिहार के राज्यपाल अरिफ मोहम्मद खान ने शिरकत की। उन्होंने संगम तट पर आस्था की डुबकी लगाई और परमार्थ निकेतन आश्रम के स्वामी चिदानंद सरस्वती से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने महाकुंभ के महत्व पर अपने विचार साझा किए। इस दौरान राज्यपाल अरिफ मोहम्मद खान ने भारतीय संस्कृति की विशेषता पर भी चर्चा करते हुए संगम के महत्व पर प्रकाश डाला। वहां उन्होंने परमार्थ निकेतन के पंडाल में गंगा आरती करके धार्मिक महत्ता को स्वीकारा। राज्यपाल ने महाकुंभ को भारत की आध्यात्मिक विरासत का गौरव बताते हुए कहा कि यह आयोजन संपूर्ण विश्व को शांति, एकता और सेवा का संदेश देता है।
