बिहार के DGP की खुली चेतावनी: ‘गोली का जवाब गोली से’, अपराध में 25% की कमी और नक्सलियों का सफाया
Bihar DGP Warning: बिहार के डीजीपी ने राज्य में अपराध दर में गिरावट और नक्सलवाद के खात्मे का दावा किया है। उन्होंने साइबर अपराध और ड्रग्स को नई चुनौती बताते हुए अपराधियों को सख्त चेतावनी दी है।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
Bihar News Update: बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने राज्य की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि पिछले 20 वर्षों में अपराध के ग्राफ में निरंतर कमी आई है और नक्सलवाद का लगभग अंत हो चुका है। अब पुलिस का मुख्य फोकस ‘डिजिटल पुलिसिंग’ और युवाओं को नशे व साइबर अपराध से बचाना है।
अपराध के आंकड़ों में सुधार और नक्सलवाद का अंत!
बिहार के डीजीपी के अनुसार, पिछले 20 वर्षों में राज्य के अपराध मानचित्र में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। अकेले पटना में हत्या के मामलों में 25% की कमी दर्ज की गई है, साथ ही डकैती और लूट जैसी घटनाओं में भी गिरावट आई है। उन्होंने गौरव के साथ उल्लेख किया कि बिहार में नक्सलवाद अब पूरी तरह से खत्म हो चुका है। हाल ही में, खरगपुर हिल्स और भीम बांध क्षेत्र में सक्रिय रहे जोनल और सब-जोनल कमांडरों ने अत्याधुनिक हथियारों (इंसास और एसएलआर) के साथ आत्मसमर्पण किया है,। सरकार अब इन पूर्व नक्सलियों को पुनर्वास योजनाओं के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जोड़ रही है और उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान कर रही है।
Bihar News Update: बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने राज्य की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि पिछले 20 वर्षों में अपराध के ग्राफ में निरंतर कमी आई है और नक्सलवाद का लगभग अंत हो चुका है। अब पुलिस का मुख्य फोकस ‘डिजिटल पुलिसिंग’ और युवाओं को नशे व साइबर अपराध से बचाना है।
अपराध के आंकड़ों में सुधार और नक्सलवाद का अंत!
बिहार के डीजीपी के अनुसार, पिछले 20 वर्षों में राज्य के अपराध मानचित्र में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। अकेले पटना में हत्या के मामलों में 25% की कमी दर्ज की गई है, साथ ही डकैती और लूट जैसी घटनाओं में भी गिरावट आई है। उन्होंने गौरव के साथ उल्लेख किया कि बिहार में नक्सलवाद अब पूरी तरह से खत्म हो चुका है। हाल ही में, खरगपुर हिल्स और भीम बांध क्षेत्र में सक्रिय रहे जोनल और सब-जोनल कमांडरों ने अत्याधुनिक हथियारों (इंसास और एसएलआर) के साथ आत्मसमर्पण किया है,। सरकार अब इन पूर्व नक्सलियों को पुनर्वास योजनाओं के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जोड़ रही है और उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान कर रही है।
