Bihar Congress New District Presidents: बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस ने राज्य में अपने संगठन को पुनर्जीवित करने के लिए एक बड़ा दांव खेला है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मंजूरी के बाद सोमवार को बिहार के सभी 53 संगठनात्मक जिलों के लिए नए अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। इस नई सूची की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें 43 नए चेहरों को मौका देकर पार्टी ने जमीनी स्तर पर बदलाव का संकेत दिया है। कांग्रेस ने इस बार ब्राह्मणों और यादवों को विशेष तरजीह देते हुए दोनों समुदायों से 10-10 जिला अध्यक्ष बनाए हैं, जिसे राजद के ‘यादव’ और भाजपा के ‘ब्राह्मण’ वोट बैंक में सेंधमारी की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। कुल 53 जिलों में से 38 की कमान सवर्णों, दलितों और मुस्लिमों के हाथों में सौंपी गई है, जो पार्टी के पुराने सामाजिक समीकरण को वापस पाने की रणनीति का हिस्सा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यादव समुदाय को इतनी बड़ी संख्या में जिम्मेदारी देना राजद से दूरी बनाने और स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ने का एक स्पष्ट संदेश हो सकता है।
Bihar Congress New District Presidents: बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस ने राज्य में अपने संगठन को पुनर्जीवित करने के लिए एक बड़ा दांव खेला है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मंजूरी के बाद सोमवार को बिहार के सभी 53 संगठनात्मक जिलों के लिए नए अध्यक्षों की नियुक्ति की गई है। इस नई सूची की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें 43 नए चेहरों को मौका देकर पार्टी ने जमीनी स्तर पर बदलाव का संकेत दिया है। कांग्रेस ने इस बार ब्राह्मणों और यादवों को विशेष तरजीह देते हुए दोनों समुदायों से 10-10 जिला अध्यक्ष बनाए हैं, जिसे राजद के ‘यादव’ और भाजपा के ‘ब्राह्मण’ वोट बैंक में सेंधमारी की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। कुल 53 जिलों में से 38 की कमान सवर्णों, दलितों और मुस्लिमों के हाथों में सौंपी गई है, जो पार्टी के पुराने सामाजिक समीकरण को वापस पाने की रणनीति का हिस्सा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यादव समुदाय को इतनी बड़ी संख्या में जिम्मेदारी देना राजद से दूरी बनाने और स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ने का एक स्पष्ट संदेश हो सकता है।